
बीकानेर। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन (NWERU) का 23वां वार्षिक अधिवेशन रेलवे स्पोर्ट्स मैदान में जोश और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। अधिवेशन के दूसरे दिन की शुरुआत पूर्व अध्यक्ष एवं रेल श्रमिक आंदोलन के प्रणेता उमराव मल पुरोहित के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा यूनियन गीत के साथ हुई।
जोनल अध्यक्ष मनोज कुमार परिहार ने गत अवधि के दौरान दिवंगत हुए यूनियन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित कराई। इसके बाद प्रतिनिधि सत्र की कार्यवाही का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने पिछले अधिवेशन के बाद से अब तक की संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य, आठवें वेतन आयोग, विभिन्न कांफ्रेंस, जोनल गतिविधियों, महत्वपूर्ण उपलब्धियों, युवा एवं महिला विंग की गतिविधियों तथा संगठनात्मक कार्यक्रमों सहित आगामी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों का एकजुट होकर सामना करने का आह्वान किया।
यूनियन के कोषाध्यक्ष विपुल सक्सेना ने वर्षभर के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया।
20 नवंबर को जोनल प्रदर्शन का निर्णय
अधिवेशन में विभिन्न मांगों से संबंधित प्रस्ताव राकेश यादव ने प्रस्तुत किया, जिसका जगदीश सिंह ने समर्थन किया। प्रस्ताव पर चर्चा के बाद विभिन्न मांगों को लेकर 20 नवंबर को जोनल स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
मोबाइल स्क्रीन और AI के इस्तेमाल पर भी प्रस्ताव
अधिवेशन में मोबाइल स्क्रीन से दूरी बनाए रखने तथा AI का उपयोग केवल सहायक साधन के रूप में करने संबंधी प्रस्ताव मोहन चेलानी ने प्रस्तुत किया, जिसका के.एस. अहलावत ने समर्थन किया। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए इस संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बीकानेर मंडल सचिव गणेश वशिष्ठ एवं मंडल अध्यक्ष प्रेम सैनी ने अधिवेशन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया तथा सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
अधिवेशन में शामिल विभिन्न मंडलों एवं कारखानों के प्रतिनिधियों ने बीकानेर मंडल एवं कार्यशाला टीम की ओर से की गई आवास, खानपान एवं आयोजन व्यवस्थाओं की सराहना की।
अधिवेशन के सफल संचालन में प्रमोद यादव, नरेंद्र भारद्वाज, मोहम्मद सलीम कुरैशी, सुभाष मीना, राजेंद्र खत्री, संजीव मलिक, दीनदयाल, दिनेश सिंह, विजय श्रीमाली, मुश्ताक अली, शिवानंद, जितेंद्र चौधरी, पवन बीकानेर, जगसीर, महेंद्र शर्मा, अंसार अहमद, आशु सोलंकी, अम्बिका दुबे, शत्रुघ्न पारीक सहित अनेक साथियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।