
बीकानेर, 26 जुलाई। नोखा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के कुरुक्षेत्र से देशभर में फर्टिलाइजर और कीटनाशक कंपनियों के नाम पर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले मुख्य आरोपी विक्रम सिंह उर्फ संजय को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से फरार चल रहा था और पूछताछ में उसने फर्जी फर्मों के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रतिष्ठित फर्टिलाइजर कंपनियों से मिलते-जुलते नामों से फर्जी फर्म बनाकर किसानों, खाद-बीज विक्रेताओं और डीलरों को एजेंसी व डीलरशिप दिलाने का झांसा देता था। जांच में सामने आया कि जिन पतों पर फर्में दर्शाई गई थीं, वहां कोई कंपनी संचालित नहीं मिली।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने तीन अलग-अलग फर्जी फर्में बनाकर ऑनलाइन जीएम (जनरल मैनेजर) की भर्ती की और उनके माध्यम से राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में डीलरशिप दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठे। एडवांस राशि बैंक खातों में जमा करवाने के बाद आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देता और अपना ठिकाना बदल लेता था।
मामले की शुरुआत नोखा निवासी एक खाद-बीज विक्रेता की शिकायत से हुई थी। परिवादी ने बताया कि खुद को एक फर्टिलाइजर कंपनी का एरिया सेल्स मैनेजर बताने वाले व्यक्ति ने उसे डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर 25 हजार रुपये सिक्योरिटी राशि तथा 15.76 लाख रुपये माल की अग्रिम राशि के रूप में जमा करवा लिए, लेकिन न तो सामान भेजा गया और न ही रकम वापस की गई। इस पर नोखा थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य संभावित स्थानों पर दबिश दी। आखिरकार विशेष अभियान के तहत कुरुक्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि व्यवसाय में नुकसान होने के बाद उसने फर्जी फर्मों का जाल बिछाकर डीलरशिप और कीटनाशक सामग्री भेजने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की। इसके अलावा उसने हनुमानगढ़ में सुपर डीलरशिप दिलाने के नाम पर 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी करना भी कबूल किया है।
पुलिस अधीक्षक बीकानेर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और वृत्ताधिकारी नोखा के सुपरविजन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।