
श्रीडूंगरगढ़ 26 जुलाई 2026। श्रीडूंगरगढ़ में राजनेतिक द्वेषता से 3 सालों से घोषित ट्रॉमा सेंटर का निर्माण रोका हुआ है व इन तीन सालों में क्षेत्र के सैंकड़ो लोगो की बलि ले ली है। हमारे अपनो की जिंदगी छीनने वाली यह घृणित राजनीति अब सहन नही की जाएगी। यह हुंकार क्षेत्र के 12 गांवों के ग्रामीणों, युवाओं ने कांग्रेसी नेता हरिराम बाना की अगुवाई में आह्वान रथ के सामने भरी। ट्रॉमा सेंटर निर्माण शुरू करवाने व श्रीडूंगरगढ़ -बीकानेर हाइवे फोरलेन करवाने की मांग पर आगामी 5 अगस्त को श्रीडूंगरगढ़ में बड़ा प्रदर्शन आहूत किया हुआ है व उसमे अधिकाधिक संख्या में पहुंचने कि अपील के साथ क्षेत्र के सक्रिय युवा 12 गांवों में पहुंचे। इन युवा आंदोलनकारियों ने गांव लिखमादेसर में स्थित हँसोजी महाराज की तपस्यास्थली पर धोक लगा कर ट्रॉमा सेंटर निर्माण शुरू करवाने की सद्बुद्धि सत्ता के लिए मांगी व आह्वान रथ की शुरुआत की।
इस आह्वान रथ के माध्यम से ट्रॉमा सेंटर निर्माण शुरू करवाने के इस आंदोलन सभी क्षेत्रवासियों से अपनी भागीदारी का आह्वान यह रथ ओर वक्ता कर रहे है। रथ के संयोजक प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य हरिराम बाना ने बताया कि रविवार को लिखमादेसर सहित गांव जैतासर, तोलियासर, ठुकरियासर, धीरदेसर पुरोहितान, सुरजनसर, उदासर, लाखनसर, आडसर, मोमासर, सत्तासर, लालासर में आह्वान रथ पहुंचा व आगामी 5 अगस्त को अधिकाधिक संख्या में श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने का आह्वान किया। रथ के साथ गांवों में पहुंचे हरिराम बाना व कांग्रेस पर्यावरण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष भगवाननाथ सिद्ध, जिला कांग्रेस सचिव दिनेश पिलानिया, महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष नीरू चौधरी, यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सन्तोष गोदारा ने ग्रामीणों, युवाओं से क्षेत्र की सड़को पर दम तोड़ती जिंदगियों को बचाने के लिए आगे आकर आवाज मुखर करने की अपील की। इस दौरान राजूराम सारण, रामलाल नाहर, बीरबल सांई, विकि प्रजापत, मोहसिन खान, जगराम बाना, राम डेलू, मनोज गोदारा, तुलसीराम जाखड़, सुभाष, रामनिवास कुकना, बुधाराम गांधी, लालचंद कडवासरा, डूंगरराम सींवर, नरेंद्र धतरवाल आदि ने भी ट्रॉमा के आन्दोलन में सक्रिय होने का आह्वान किया।
इन गांवों में इन्होंने दिया समर्थन।
श्रीडूंगरगढ़। ट्रॉमा सेंटर निर्माण शुरू करवाने के आंदोलन में सक्रिय होने का आह्वान लिए गांवों में पहुंचे आह्वान रथ का ग्रामीणों ने उत्साह से स्वागत किया व आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए 5 अगस्त को अधिकाधिक संख्या में श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने की बात कही। गांव लिखमादेसर में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध, रूगनाथ, सांवरमल ज्याणी
देवाराम, मुनीराम जांगू, ओमनाथ, रामकरणनाथ, गिरधारी, राकेश पारीक, मोहनलाल, ईश्वरनाथ आदि ने। गांव जैतासर में लालचंद गोदारा, मामराज, रामलाल नैण, गणेशाराम खिलेरी, गोपाल खिलेरी, बाबूलाल गोदारा, शंकर नायक, दीनदयाल जाखड़, आसाराम खिलेरी, पूनमचंद खिलेरी, रामेश्वरलाल गोदारा आदि ने। गांव तोलियासर में सरपंच प्रतिनिधि गिरधारी सिंह, गोपालसिंह, भैरूसिंह, नरेंद्र धतरवाल, रूपाराम, शंकरलाल, तोलाराम सांसी, दुलाराम मेघवाल, भागीरथ धतरवाल आदि ने। गांव ठुकरियासर में रेवंतराम, देदाराम कड़वासरा, कालूराम गोदारा, श्रीराम टांडी, प्रेम लुखा, राजूराम सारण, असलम खान, देव सारस्वत, शिवप्रकाश, तोलाराम जाखड़, रामलाल गोदारा, उमाराम, संतोष कुमार जाखड, सत्यनारायण लुखा, सांवरमल सारस्वत, बहादुर सिंह, मुनीराम देहडू, राकेश नाई आदि ने। गांव धीरदेसर पुरोहितान में चेनाराम भुकर, परमेश्वरलाल जाखड़, सहीराम मेघवाल, भंवरलाल भुकर, किशन नाई, गोपालराम, राकेश स्वामी, भंवरलाल, मुखराम भुकर, सुरजाराम मेहरा, रामनिवास भुकर आदि ने। गांव सुरजनसर में कालूराम डूडी, हड़मान, नारायणराम डूडी, राजेंद्र सुथार, सत्यनारायण डूडी, सुभाष, रामरतन डूडी, मुनीराम, गोपालराम, राजुराम डूडी, बीरबलराम डूडी आदि ने। गांव उदासर चारणान में गोविंददास स्वामी, आसुदास स्वामी, बिरजूदास, राजूदास, रामकिशन, विक्रम सिंह, कुम्भदास, महावीर दास, भरतदान, बजरंगदास आदि ने। गांव लाखनसर में मुनीराम, श्रवण भादु, संतोष डूडी, लालचंद, संतुदास स्वामी, चंदूराम कड़वासरा, बलराम भादू, दौलतराम डूडी, नारायण भादु, अर्जुनराम भादु, मनोज मंडा, भूराराम भादू आदि ने। गांव आडसर में गोपाल तर्ड, रामकरण नैन, कमल सहू, नंदकिशोर स्वामी, संतलाल सोनी, ओमप्रकाश व्यास, मालाराम सांसी, मगाराम थोरी, मामराज, मुलाराम नायक, बीरबल लखारा, गोपाल गोदारा, रामचंद्र लखारा, संतोष सोनी, किशन भांभू, चोखाराम थोरी श्रवण थोरी, पूनाराम सहु आदि ने। गांव मोमासर में बाबूलाल, तेजपाल, प्रभुराम, बाबूलाल पूनिया, बीरबल पूनिया, रामनिवास गोदारा, गोविंद गोदारा, गोपीराम भांभू, किशनाराम गोदारा, जगदीश, बीरबलराम, भादर भांभू, मुनिराम सिंवल, मनफूल गोदारा, दानाराम, रणजीत मेघवाल, महेंद्र मेघवाल,राजुराम जी सहु,तेजपाल जी सारण आदि ने आंदोलन को समर्थन दिया।