
बीकानेर। कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार), बीकानेर के सभागार में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों एवं फील्ड फंक्शनरीज की मासिक तकनीकी कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता सहायक निदेशक कृषि मीनाक्षी शर्मा ने की।
कार्यशाला में जिले में उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों को बढ़ावा देने, विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा किसानों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि बीकानेर जिले में उद्यानिकी क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस एवं शेडनेट हाउस में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के माध्यम से सब्जियों के क्षेत्रफल विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
कार्यशाला में सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत लंबित पत्रावलियों के सत्यापन का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत सामुदायिक जल स्रोत निर्माण के लिए पात्र अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों से आवेदन करवाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर पात्र किसानों से संपर्क कर योजना की जानकारी देने तथा अधिक से अधिक पात्र किसानों के आवेदन करवाने के लिए कहा गया। योजना के तहत तीन किसानों के समूह द्वारा सामुदायिक जल स्रोत का निर्माण किए जाने पर उद्यान विभाग द्वारा अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।
कृषि अधिकारी मीनाक्षी पंवार ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कृषि अधिकारी रमेश भांभू ने सूक्ष्म सिंचाई योजना सहित विभागीय योजनाओं एवं किसानों को मिलने वाले लाभ के संबंध में फील्ड फंक्शनरीज को बिंदुवार जानकारी दी।
कार्यशाला में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी देवेंद्र सिंह, बलराम स्वामी, राकेश कुमार, विनोद कुमार, रितिका शर्मा, प्रियंका, चंद्रकला, कविता, सोनिया, बहादुर सिंह, सुन्दर सिंह, धर्माराम, महावीर गोदारा, रवीना, नवीना, अशोक रोंझ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।