
बीकानेर, 18 सितंबर । भारतीय सनातन परंपरा में महर्षि दधीचि का नाम त्याग, तपस्या, परोपकार और मानव कल्याण के अद्वितीय प्रतीक के रूप में लिया जाता है। लोककल्याण के लिए अपने जीवन तक का त्याग करने वाले महर्षि दधीचि का जीवन आज भी समाज को निःस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
इन्हीं महान आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और देहदान के माध्यम से मानव सेवा की प्रेरणा को सम्मानित करने के उद्देश्य से सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में महर्षि दधीचि जयंती समारोह-2026 के तहत पुष्पांजलि एवं देहदानियों के परिजनों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम 19 सितम्बर 2026, शनिवार को प्रातः 11 बजे मेडिकल कॉलेज के सभागार में होगा।
एनाटॉमी विभाग, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के आयोजन एवं अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन, बीकानेर की निरंतर सहभागिता से आयोजित होने वाले इस समारोह में शिवमठ शिवबाड़ी, बीकानेर के महंत स्वामी श्री विमर्शानंद गिरी जी महाराज प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र कुमार तथा पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
कार्यक्रम में एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि, अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार दाधीच सहित मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, प्रबुद्धजन, देहदानियों के परिजन तथा देहदान के लिए प्रेरित करने वाली संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
*महर्षि दधीचि का जीवन मानव कल्याण के लिए समर्पण का संदेश*
महर्षि दधीचि जयंती केवल धार्मिक या सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, परोपकार और मानव कल्याण के उन मूल्यों को स्मरण करने का अवसर है, जो समाज को बेहतर दिशा देते हैं। देहदान भी इसी निःस्वार्थ भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन के बाद भी चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा में योगदान देता है।
एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि एवं अखिल भारतीय दाधीच फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार दाधीच ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले महर्षि दधीचि जयंती कार्यक्रम की निरंतर श्रृंखला के तहत इस वर्ष भी समारोह आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में देहदानियों के परिजनों का सम्मान कर उनके त्याग और मानव सेवा में योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी।