
बीकानेर, 18 सितंबर। जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं देहात के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को निर्वाचन आयोग आयुक्त के नाम तथा जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में नगर निकाय चुनाव के बाद महापौर, उपमहापौर तथा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पदों के चुनाव को लेकर कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों पर पुलिस प्रशासन द्वारा दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अनुचित हस्तक्षेप बताते हुए चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण में करवाने की मांग की।
पूर्व कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि भाजपा सरकार को जनादेश और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। कल्ला ने कहा कि सरकार को सत्ता और प्रशासनिक ताकत का अहंकार छोड़कर संविधान की मर्यादा में काम करना चाहिए। सरकारें स्थायी नहीं होतीं, लेकिन संविधान, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाएं देश की स्थायी व्यवस्था हैं।
जिला कांग्रेस सह प्रभारी मुस्ताक खान ने आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनावों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर पुलिस के माध्यम से दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्षदों के घर पुलिस भेजने अथवा उन्हें थाने बुलाकर प्रभावित करने के आरोप गंभीर हैं और निर्वाचन प्रक्रिया में इस प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा, “भाजपा वालों, शीशे के महलों में रहते हो, पत्थर मत उछालो।” उन्होंने कहा कि सत्ता का अर्थ सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल करना नहीं है। पुलिस और प्रशासन को संविधान एवं कानून के अनुसार निष्पक्ष होकर कार्य करना चाहिए। कांग्रेस पार्षदों, समर्थित पार्षदों और उनके परिजनों को परेशान करने या दबाव में लेने के प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि नगर निकाय चुनाव के बाद पार्षदों और उनके परिजनों पर दबाव बनाए जाने के आरोप प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचित पार्षदों को बिना किसी भय या दबाव के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन आयोग से मांग की कि नगर निगम बीकानेर के महापौर एवं उपमहापौर तथा जिले की अन्य नगर पालिकाओं के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी, भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में करवाए जाएं। साथ ही दबाव बनाने के आरोपों से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस एवं प्रशासन से भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष भूमिका निभाने तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की।
जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में हजारीमल देवड़ा, पीर जफर शाह, आनंद सिंह सोढ़ा, नितिन वत्सस, सुमित कोचर, पूनम चंद भाम्भू, शहजाद भुट्टा, भीखाराम कडेला, ताहिर हसन, राजकुमारी व्यास, सुरेंद्र सिंह राठौड़, हंसराज बिश्नोई, जयदीप सिंह जावा, योगेश गहलोत, कन्हैयालाल जोशी, मनोज मूण्ड, गिरधर जोशी, बलराम नायक, नासिर शहजाद तंवर, करणीसिंह राजपुरोहित, रामदेव, शेरशाह, सफी मोहम्मद, आरिफ खान, हसन अली, अशरफ खान, कमल गोयल, मैक्स नायक, सोहन लाल मेघवाल सहित कांग्रेस के अनेक नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।