
बीकानेर। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 23वें वार्षिक अधिवेशन के दौरान शनिवार को बीकानेर में करीब 1500 रेल कर्मचारियों ने जोरदार रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। रैली में लाल टी-शर्ट पहने रेल कर्मचारी, लाल छाते लिए महिलाएं, घोड़े, ऊंट और विंटेज कार आकर्षण का केंद्र रहे। शहर के जिन मार्गों से रैली गुजरी, वहां चारों ओर लाल रंग का नजारा दिखाई दिया।
रैली की शुरुआत शनिवार दोपहर बीकानेर रेलवे स्टेशन के द्वितीय द्वार से हुई। रैली बोथरा कॉम्पलेक्स, प्रेमजी पॉइंट, सादुल सिंह सर्किल, कलेक्टर कार्यालय और तुलसी सर्किल होते हुए रेलवे स्टेडियम पहुंची। इस दौरान रेल कर्मचारियों ने अपनी मांगों से संबंधित नारे लगाए। युवा रेल कर्मचारियों का उत्साह देखते ही बनता था। जगह-जगह रैली का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। रेलवे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स पहुंचने के बाद रैली सभा में परिवर्तित हो गई।
आठवें वेतन आयोग और कर्मचारियों के मुद्दों पर बोले शिव गोपाल मिश्रा
अधिवेशन के ओपन सेशन का शुभारंभ एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा, मंडल रेल प्रबंधक सहित विभिन्न अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
एआईआरएफ महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग कह रहे थे कि सरकार आठवां वेतन आयोग गठित नहीं करेगी, लेकिन कर्मचारियों के प्रयासों से आठवां वेतन आयोग गठित हुआ है। अब यह कहा जा रहा है कि आयोग में कर्मचारियों को कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के पक्ष में अनुकूल सिफारिशें कराने के लिए संगठन हरसंभव प्रयास करेगा।
उन्होंने कहा कि कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के माध्यम से विभिन्न कैटेगरी में उच्च पदों की संख्या बढ़ाने पर सहमति होने के बावजूद रेलवे मंत्रालय द्वारा आदेश लंबित रखे गए हैं।
मिश्रा ने कहा कि संगठन बातचीत के माध्यम से समस्याओं के समाधान में विश्वास रखता है, लेकिन यदि कर्मचारियों के मुद्दों पर हठधर्मिता बनी रहती है तो संगठन संघर्ष से भी पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने बताया कि ट्रैकमेंटेनरों को अन्य कैटेगरी में पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सीधी भर्ती के 10 प्रतिशत पद कम कर एलडीसी के रूप में खोलने का मुद्दा रेलवे बोर्ड के विचाराधीन है। इसके अलावा ट्रैकमेंटेनरों की पेट्रोलिंग तथा नए कार्यों के लिए नए पदों के सृजन सहित विभिन्न मुद्दों पर लगातार बातचीत की जा रही है।
बोनस की भुगतान सीमा समाप्त करने की मांग
रेल कर्मचारियों के बोनस का जिक्र करते हुए शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि संगठन की कोशिश है कि बोनस की 7000 रुपये की भुगतान सीमा समाप्त हो, हालांकि इस संबंध में निर्णय सरकार को लेना है।
उन्होंने रेलवे के रोजमर्रा के कार्यों में आउटसोर्सिंग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रेलवे की संरक्षा और सुगम परिचालन की दृष्टि से आउटसोर्सिंग गंभीर विषय है। इस मुद्दे को लेकर 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में एआईआरएफ का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
शिव गोपाल मिश्रा ने अधिवेशन के भव्य आयोजन और शानदार रैली के लिए यूनियन नेतृत्व, बीकानेर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
कई पदाधिकारियों ने किया संबोधित
उद्घाटन सत्र को एआईआरएफ के कार्यकारी अध्यक्ष जे.आर. भोसले, पीसीपीओ राजीव सिंह, डीआरएम गौरव गोविल, एससी/एसटी एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.एल. बैरवा तथा यूनियन के महामंत्री मुकेश माथुर ने भी संबोधित किया।
उद्घाटन सत्र का संचालन शत्रुघ्न पारीक एवं अम्बिका दूबे ने किया, जबकि अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष मनोज पड़िहार ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत में यूनियन के मंडल सचिव गणेश वशिष्ठ, मंडल अध्यक्ष प्रेम कुमार सैनी एवं उनकी टीम ने गणमान्य अतिथियों, यूनियन के जोनल पदाधिकारियों तथा कार्यकारिणी सदस्यों का साफा, माला, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।