
बीकानेर, 03.10.2026,किसान केसरी एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामेश्वर डूडी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को डूडी स्मारक, नोखा रोड, उदयरामसर में कांग्रेस की ओर से बड़ी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित बड़ी संख्या में सम्पूर्ण प्रदेश से कांग्रेस नेतागण, पदाधिकारीगण, कार्यकर्तागण एवं समर्थक मौजूद रहे।
सभा स्थल पर स्व. रामेश्वर डूडी अमर रहें, कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद, किसान केसरी अमर रहें जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर आगामी पंचायतीराज चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए गोविन्द सिंह डोटासरा ने स्व. रामेश्वर डूडी की महान पुण्यात्मा को नमन करते हुए कहा कि आज मैं जिस पद पर हूं, स्व. रामेश्वर डूडी की मेहरबानी से हूं। उन्होंने कहा कि डूडी ने कभी अपने परिवार के लोगों को संगठन में या सरकारी पद दिलाने की राजनीति नहीं की, बल्कि 36 कौम के लोगों को घर से निकालकर आगे बढ़ाया और उन्हें बड़े पदों तक पहुंचाया।
डोटासरा ने कहा कि स्व. डूडी ने प्रधान, जिला प्रमुख, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सांसद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए किसान, मजदूर और सभी वर्गों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम ईमानदारी, निष्ठा और लगन से किया। उन्होंने कहा कि डूडी की राजनीति का मूल आधार सर्वसमाज, किसान और आमजन की सेवा था।
डोटासरा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अब समय डूडी के बताए रास्ते पर चलने का है। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायतीराज चुनाव 2026 में बीकानेर जिले की सभी पंचायत समितियों और जिला परिषद में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज चुनाव में कांग्रेस की जीत और भाजपा को चुनावी शिकस्त देना ही स्व. रामेश्वर डूडी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्व. रामेश्वर डूडी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने डूडी से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि आज वे विधानसभा में किसान, मजदूर और सभी वर्गों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम स्व. डूडी की ही तर्ज पर कर रहे हैं। जूली ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल को तीन वर्ष हो गए हैं, लेकिन जनता की समस्याओं की सुनवाई और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की बात कर केवल थोथी घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि आम जनता धरातल पर काम चाहती है।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी पंचायतीराज चुनाव 2026 केवल चुनाव नहीं, बल्कि गांवों में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचने, आमजन के बीच सक्रियता बढ़ाने और संगठन को मजबूती देने का आह्वान किया। जूली ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं में कांग्रेस को मजबूत करना और चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुटना ही स्व. रामेश्वर डूडी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विधायक सुशीला रामेश्वर डूडी ने स्व. डूडी साहब की श्रृद्धाजंली सभा में प्रदेश व जिले से पधारे हुए कांग्रेस नेताओं व कार्याकर्ताओं का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया तथा स्व. डूडी साहब के विषय में कहा कि आपने अपना जीवन जनसेवा को समर्पित किया। किसान समाज और आमजन के हित में आपका अभूतपूर्व योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। आपके आदर्श, आपकी ईमानदारी, आपकी निष्ठा और जनसेवा के प्रति आपका समर्पण हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा। आपके साथ बिताए हर पल और परिवार के मुखिया के रूप में आपकी भूमिका हमेशा हमें याद रहेगी।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि स्व. रामेश्वर डूडी राजस्थान की राजनीति में किसान हितों और पंचायतीराज से जुड़े अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के लिए जाने जाते थे। वे पंचायत समिति प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक, सांसद और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे दायित्वों पर रहे। उन्होंने बीकानेर जिले की जिला प्रमुख व पंचायत समितियों पर लम्बे समय तक कांग्रेस का वर्चस्व कायम रखा।
पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल ने कहा कि स्व. रामेश्वर डूडी ने अपने राजनीतिक जीवन में किसानों, ग्रामीण क्षेत्र और आमजन से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। पंचायतीराज व्यवस्था से उनका गहरा जुड़ाव रहा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं जनहित के मुद्दों को लेकर वे लगातार सक्रिय रहे। डूडी की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान को स्मरण करने का अवसर बना।
स्व. रामेश्वर डूडी को नमन करते हुए देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि स्व. रामेश्वर डूडी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि राजस्थान के किसानों, आमजन व 36 कौम की बुलंद आवाज थे। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसान, मजदूर और गांव के हितों के लिए संघर्ष किया। नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने सदन में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया और सड़क पर भी किसानों की आवाज बने। आज उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए हम उनके अधूरे संकल्पों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं। डूडी साहब का संघर्ष और किसानों के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि किसान केसरी स्व. रामेश्वर डूडी ने राजनीति को सेवा का माध्यम माना और जीवनभर किसानों, युवाओं, मजदूरों तथा आमजन के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। आज उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि डूडी साहब लोगों के दिलों में आज भी जीवित हैं। भाजपा सरकार को जनता और किसानों से किए गए वादों का जवाब देना होगा। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता डूडी साहब की संघर्षशील विरासत को आगे बढ़ाते हुए किसान और आमजन के हक की लड़ाई मजबूती से जारी रखेगा। डूडी साहब का नाम और उनका संघर्ष हमेशा अमर रहेगा।
जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, पीसीसी प्रभारी मुश्ताक खान, रिद्धकरण लोमरोड़, मेयर अनिल कल्ला, अध्यक्ष भूदान बोर्ड लक्ष्मण कड़वासरा, विधायक पूसाराम गोदारा, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, विधायक तिजारा संदीप यादव, विधायक फतेहपुर हाकम अली, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, विधायक सोहनराम नायक, पूर्व विधायक चेतनराम डूडी, पीसीसी महासचिव आरसी चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता रायसिंह गोदारा, परमजीतसिंह रंधावा, नागौर जिलाध्यक्ष हनुमान बांगडवा, प्रकोष्ठ प्रदेशाध्यक्ष विक्रम स्वामी, मूलाराम भादू, उपजिला प्रमुख प्रतिनिधि हूक्माराम विश्नोई, डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत, सरपंच हेमन्तसिंह यादव, पूर्व जिला प्रमुख सुशीला सींवर, पूर्व जिला प्रमुख सुनीता तर्ड, जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल, पूर्व विधायक रेवन्तराम पंवार, चेयरमैन रामनिवास गोदारा, प्रभूदयाल सारस्वत, कॉमरेड हनुमान चौधरी, अतुल डूडी, गजेन्द्रसिंह सांखला, पीसीसी सचिव शिवलाल गोदारा, राजेन्द्र बापेउ आदि ने भी सभा को सम्बोधित किया।
मार्शल ने बताया कि चेयरमैन ओमप्रकाश मूंधड़ा, जफरशाह, सतू खां पड़िहार, हरीराम बाना, आनन्दसिंह सोढ़ा, शिवदान मेघवाल, जगदीश खीचड़, उमा करल, हाजी फरमान अली, शाहिन, राहुल जादुसंगत, करणीसिंह राजपुरोहित, आम्बाराम इणखिया, परताराम गोदारा, शिवशंकर गोदारा, पीसीसी सचिव रामनिवास कूकणा, जियाउर रहमान, वार्डन अशोक, अनोप चौधरी, जगदीश, मोहनराम लीलड़, रामनिवास तर्ड, श्यामसिंह भाटी, डॉ. प्रीति मेघवाल, पूर्व प्रधान गोविन्दराम गोदारा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ज्योति चौधरी, श्रीकृष्ण गोदारा, अरविन्द मिढा, भंवर कूकणा, अमीनशाह, ओमप्रकाश गोदारा, रामदयाल बेनीवाल, बीरबल मूण्ड, पूर्व प्रधान भंवर गौरछीया, गणपत सीगड, हरिराम चौधरी, हीराराम, सोहनलाल नायक, पूनमचन्द भाम्भू, जगदीश, शेरूशाह, शांति बेनीवाल, अर्जूनराम, कानाराम कूकणा, अन्जू पारख, जितेन्द्र कस्वां, मोहनराम लीलड, मोहनराम भादू, हीरालाल मूंडेल, भंवरलाल गोरछिया, मोहनदान मंडाल, गणपतराम सिंघड, सुनिता तर्ड, विमल भाटी, अशोक बूडिया, विश्वास सागवां, आशा स्वामी, राधा भार्गव, सुनीता गौड, राजकुमारी व्यास, मनोज मूण्ड, अमरीक सिंह, भागीरथ सहित हजारों की तादाद में कांग्रेसजन व समर्थक मौजूद रहें।