बीकानेर। राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारतीय सेना की ओर से बीकानेर मिलिट्री स्टेशन पर आयोजित सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनरों का तीन दिवसीय विशेष पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम 03 नवंबर को संपन्न हुआ। राजस्थान राज्य के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिविल डिफेंस संगठन के कुल 50 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सीखे।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार के संभावित खतरों के प्रति जागरूकता, सुरक्षा उपायों, जीवन रक्षा (सर्वाइवल) तकनीकों और साइबर सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस दौरान विभिन्न परिस्थितियों पर आधारित मॉक ड्रिल और अभ्यास भी करवाए गए, ताकि आपातकालीन हालात में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम में आयोजित संवादात्मक सत्रों में भारतीय सेना और सिविल डिफेंस संगठन के अधिकारियों ने आपातकालीन परिस्थितियों में आपसी तालमेल, बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वयंसेवकों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने और संकट के समय उनकी भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सिविल और सैन्य संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करना, आपसी कार्यक्षमता बढ़ाना तथा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक तैयारियों को बेहतर बनाना रहा। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा के समर्थन में सभी संबंधित संस्थाओं की संयुक्त क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।
भारतीय सेना की यह पहल सिविल-सैन्य सहयोग को नई मजबूती देने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों के लिए ‘संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण’ को भी सशक्त करती है।
जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा), राजस्थान, लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सेना और सिविल डिफेंस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा सुरक्षा चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
