
बीकानेर,16 जून 2026, मंगलवार ।सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग ने एक जटिल और दुर्लभ मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सात वर्षों से पीड़ित 58 वर्षीय महिला को नया जीवन दिया। रामदेवरा निवासी महिला लंबे समय से श्वास संबंधी तकलीफ से जूझ रही थी। उसे लगातार खांसी, निमोनिया, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत रहती थी। कई बार उपचार के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। महिला ने जोधपुर, फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों से परामर्श लिया और सीटी स्कैन की रिपोर्ट मुंबई भी भेजी गई, जहां चिकित्सकों ने टीबी होने की संभावना जताई थी।
रिश्तेदारों से जानकारी मिलने पर महिला पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग पहुंची, जहां विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. गुंजन सोनी ने उसकी विस्तृत जांच की। जांच के दौरान पता चला कि महिला के फेफड़े में करीब एक इंच लंबी सुपारी फंसी हुई है, जो पिछले सात वर्षों से उसकी तमाम परेशानियों का मुख्य कारण बनी हुई थी।
इसके बाद डॉ. गुंजन सोनी ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ ब्रोंकोस्कोपी (दूरबीन) के माध्यम से करीब डेढ़ घंटे तक चले जटिल प्रोसीजर को अंजाम दिया। इस दौरान फेफड़े में फंसी सुपारी को सावधानीपूर्वक क्रश कर बाहर निकाला गया। सफल प्रक्रिया के बाद महिला को राहत मिली और उसकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा।
महिला के पति ने बताया कि कई अस्पतालों के चक्कर लगाने और अनेक चिकित्सकों से उपचार लेने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला, तब पीबीएम के डॉ. गुंजन सोनी उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए। उन्होंने पूरी चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सकों की मेहनत से उनकी पत्नी को नया जीवन मिला है।
महिला का संपूर्ण उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क किया गया। इस सफल उपचार में डॉ. गुंजन सोनी के साथ डॉ. अंकित, डॉ. वसुंधरा, डॉ. मनुदेव, डॉ. प्रवेश, डॉ. दिनेश, डॉ. विजय, नर्सिंग स्टाफ मंजू तथा हेल्पर विनोद का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।