
बीकानेर। आगामी 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल को लेकर बीकानेर जिला उद्योग संघ ने चिंता जताई है। संघ ने केंद्र सरकार से बैंक कर्मचारी संगठनों एवं बैंक प्रबंधन के बीच तत्काल उच्चस्तरीय वार्ता करवाकर सकारात्मक बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने और हड़ताल को टालने की पहल करने की मांग की है।
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया सहित अरुण कुमार झंवर, अशोक सुराणा, नरेश मित्तल, श्यामसुन्दर सोनी एवं वीरेंद्र किराडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा बीकानेर जिले के सभी विधायकों को पत्र भेजकर इस संबंध में हस्तक्षेप की मांग की है।
संघ ने पत्र में कहा कि देश में प्रतिदिन करोड़ों वित्तीय लेन-देन बैंकों एवं उनसे जुड़ी भुगतान प्रणालियों के माध्यम से होते हैं। ऐसे में तीन दिवसीय बैंक हड़ताल का सीधा असर व्यापार, उद्योग, सरकारी लेन-देन और आमजन की बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है। संघ के अनुसार यह अवधि 30 सितंबर के अर्धवार्षिक बैंक समापन के आसपास होने के कारण बैंकिंग व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव की स्थिति बन सकती है।
व्यापारियों के सामने आ सकती हैं कई परेशानियां
संघ ने कहा कि बैंक हड़ताल की स्थिति में व्यापारियों के भुगतान अटकने, चेक क्लियरेंस में देरी, नकद जमा एवं निकासी प्रभावित होने तथा कर्मचारियों और सप्लायर्स को भुगतान में परेशानी जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं। इसके अलावा ऋण संबंधी कार्य, बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम और बाजार में धन के प्रवाह पर भी असर पड़ने की आशंका है।
पत्र में पूर्व में हुई बैंक हड़तालों के दौरान बैंकिंग कारोबार प्रभावित होने के आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। संघ ने कहा कि हड़ताल समाप्त होने के बाद लंबित बैंकिंग कार्यों का अतिरिक्त दबाव भी व्यवस्था पर पड़ सकता है।
मांगों का विरोध नहीं, बातचीत से समाधान की अपील
बीकानेर जिला उद्योग संघ ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी भी कर्मचारी संगठन की जायज मांगों का विरोध करना नहीं है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों का समाधान सकारात्मक एवं सार्थक बातचीत के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, ताकि देश की बैंकिंग व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियां बाधित न हों।
संघ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारी संगठनों और बैंक प्रबंधन के बीच तत्काल उच्चस्तरीय वार्ता करवाई जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे बैंकिंग सेवाएं सुचारू रहें, व्यापारिक गतिविधियां जारी रहें तथा व्यापारी एवं आम नागरिक अनावश्यक परेशानी से बच सकें।