
बीकानेर। जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित विश्वविख्यात पूनरासर धाम मंदिर स्थित हनुमानजी के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। करीब सैकड़ाें साल पुराने इस मंदिर में विराजमान रुद्रावतार हनुमानजी की स्वयंभू मूर्ति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। मंदिर में विराजमान बाबा के हाथ में गदा वाला यह स्वरूप अत्यंत अद्वितीय माना जाता है और श्रद्धालुओं का विश्वास है कि ऐसा स्वरूप अन्यत्र देखने को नहीं मिलता। यह बात पुजारी जियालाल बाेथरा परिवार के सदस्य धर्मचंदजी बाेथरा व धनराज बाेथरा ने संयुक्त रुप से कही। धनराजजी बाेथरा ने बताया कि भादवा का पूनरासर हनुमानजी के प्रसिद्ध मेले के लिए पुजारी जियालालजी बाेथरा परिवार के सदस्य धर्मचंदजी बाेथरा, धनराजजी बाेथरा, बनवारीलाल बोथरा, कमल कुमार बोथरा, राजकुमार, भरत कुमार एवं रणजीत कुमार बोथरा सहित परिवार के अन्य सदस्य मंदिर की सेवा-व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए बेंगलूरु एवं अहमदाबाद से पूनरासर धाम पहुंच गए हैं। उन्हाेंने बताया कि मंदिर के सेवादार पुजारी के रुप में उनके परिवार की बारी बीते 12 साल से आयी है। बाबा आपका भला करें, ज्ञान-धन-शक्ति आपकाे खूब मिले के श्लाेगन के साथ भक्ताें की हर मनाेकामना पूरी करने के उद्देश्य से वे पूनरासर हनुमान बाबा से अरदास करेंगे। उन्हाेंने यह भी बताया कि पूनरासर धाम के हनुमानजी को श्रद्धालु रक्षक हनुमानजी के रुप में पूजते हैं। मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन और श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन करने आता है, बाबा उसकी मनोकामना पूरी करते हैं और उसे आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है।
बोथरा एवं ओसवाल परिवार को विरासत में मिली है पूजा-अर्चना और सेवा की परंपरा…
उल्लेखनीय है कि वैश्विक स्तर पर एकमात्र इस मंदिर की पूजा-अर्चना और सेवा की परंपरा किसी ब्राह्मण को नहीं बल्कि बोथरा एवं ओसवाल परिवार को विरासत में मिली हुई है। पुजारी परिवार पीढ़ियों से पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ बाबा की सेवा करता आ रहा है। पुजारी धनराजजी बोथरा ने बताया कि बाबा के आशीर्वाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं के कार्य सफल हों और वे सुखी रहें, यही पुजारी परिवार की कामना रहती है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं पूनरासर धाम में मेले एवं विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में पानी, भोजन, विश्राम एवं दर्शन की व्यवस्थाएं की जाती हैं। भक्तों के विशाल सैलाब को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन करवाने के लिए वालंटियर्स की भी सेवाएं ली जाती हैं।
मंदिर के सेवादार पुजारी धनराजजी बाेथरा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूनरासर धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन करें, अनुशासन बनाए रखें और आपसी सहयोग के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि बाबा रक्षक हनुमानजी सभी श्रद्धालुओं को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें तथा सभी लोग देश और समाज के हित में अच्छे कार्य करें।