बच्चों को हाथ धोने की ‘सुमन के’ तकनीक की दी जानकारी, ‘यूज्ड पैन डिसपोजल सिस्टम’ का हुआ शुभारम्भ

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बीकानेर। बच्चों को डायरिया और कुपोषण से मुक्त रखने के उद्देश्य से जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की पहल पर ‘स्वच्छ हाथ-स्वस्थ बीकाणा’ अभियान बुधवार को राजकीय महारानी कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय से शुरू हुआ।

इस दौरान स्कूल के बच्चों को हाथ धोने की ‘सुमन के’ तकनीक की जानकारी दी गई और पैपर हैण्ड वॉश वितरित की गई। जिला कलक्टर ने बच्चों को खाने और नाश्ते से पहले तथा शौच के उपरांत सावधानीपूर्वक हाथ धोने, नाखून काटने, जंक फूड से दूर रहने तथा पौष्टिक खाद्य पदार्थों का उपयोग करने की सीख दी। उन्होंने स्वच्छ हाथ-स्वस्थ बीकाणा अभियान के स्टीकर का विमोचन भी किया इसे समस्त विद्यालयों में चस्पा करवाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्टॉप डायरिया’ अभियान के तहत नवाचार करते हुए यह अभियान प्रारम्भ किया गया है। इसके तहत ‘नो बैग डे’ के अवसर पर आगामी दो शनिवार को जिले के समस्त विद्यालयों में हाथ धुलवाने का महाभियान चलाया जाएगा।

जिला कलक्टर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। छोटी उम्र में बच्चों में अच्छी आदत पड़ेगी, तो भविष्य में भी इसकी पालना की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान में नगर निगम के अलावा पंचायती राज विभाग, चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

इस दौरान जिला कलक्टर ने नगर निगम द्वारा महारानी स्कूल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ‘यूज्य पैन डिसपोजल सिस्टम’ का लोकार्पण किया। स्कूली बच्चे अपने यूज्ड पैन इसमें डाल सकेंगे तथा इसके भर जाने पर निगम द्वारा इन यूज्ड पैन को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर उन्हें जियो टैगिंग करने के निर्देश दिए तथा बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

नगर निगम आयुक्त श्री मयंक मनीष ने बताया कि अभियान के दौरान बच्चों को गीला और सूखा कचरा अथवा ई-वेस्ट को अलग करने तथा स्वच्छता से जुड़ी जानकारी दी गई। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री महेन्द्र शर्मा ने कहा कि बच्चों को सावधानीपूर्वक हाथ धोने के लिए जागरुक करना अब सामाजिक जिम्मेदारी बन गई है। इसके लिए प्रत्येक विभाग और व्यक्ति को सहयोग करना होगा।

उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प.क.) डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने हाथ धोने की ‘सुमन के’ तकनीक के बारे में बताया जिसका एएनएम द्वारा सजीव प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि हाथ धोने की इस तकनीक के तहत सीधा और उल्टा हाथ, मुट्ठी, अंगूठा, नाखून और कलाई को वैज्ञानिक तरीके से साफ करना होता है। डॉ. मुकेश जनागल ने ओआरएस घोल तैयार करने तथा इसके उपयोग के साथ आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया।

इस दौरान बच्चियों द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़े पोस्टर भी बनाए गए। जिनका प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बालिकाओं की मौके पर हीमोग्लोबिन जांच की गई और आयरन फोलिक एसिड गोलियों का वितरण भी किया गया। जिला कलक्टर ने बच्चों से स्वच्छता और पोषाहार से जुड़े विभिन्न प्रश्न किए। स्कूली बच्चियों ने भी स्वच्छता के महत्व से जुड़े विचार रखे। इससे पहले जिला कलक्टर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। स्कूली बच्चियों ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन जिला परिषद के आईईसी समन्वयक गोपाल जोशी ने किया।

इस दौरान शाला प्रधानाचार्य श्रीमती शिखा ऐरन, स्वास्थ्य विभाग से मालकोश आचार्य, डॉ. आशु मलिक, पीएचएम गोपीचंद डेरु, आयुष सिंह पडिहार, नरेश नायक, राजू सिंगरौल सहित भारत विकास परिषद की ओर से श्रीमती छवि सहित सरकारी विभागों के कार्मिक एवं छात्राएं मौजूद रही।

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