
बीकानेर, 20 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप राजस्थान को हरित प्रदेश के रूप में विकसित करने की दृष्टि से चलाया जा रहा हरियालो राजस्थान अभियान सफल हो रहा है। इस अभियान के तहत राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। अभियान के मद्देनजर अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु गुणवत्ता एवं वर्षा स्तर में सुधार करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं। राज्य सरकार अभियान के जरिए प्रदेश में हरित आवरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इसी श्रृंखला में जिले ने शुष्क एवं रेगिस्तानी परिस्थितियों के बावजूद उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। जिला मरुस्थलीय परिस्थितियों में भी सामूहिक प्रयासों से पौधारोपण करके पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई मिसाल कायम कर रहा है। जो भविष्य में स्वच्छ पर्यावरण, जैव विविधता संवर्द्धन एवं सतत विकास का मजबूत आधार बनेगा।
इस अभियान के तहत जिले में 40 लाख 91 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। इसमें से 48 हजार 372 व्यक्तिगत पौधारोपण किया गया और 40 लाख 43 हजार 493 ब्लॉक स्तर पर पौधे लगाए गए। जिले की 8 हजार 884 साइट्स पर पौधारोपण किया गया। इस अभियान में 53 से अधिक प्रजातियों के पौधे शामिल रहे। इन प्रयासों के परिणाम स्वरूप बीकानेर जिला अब तक पौधारोपण के मामले में चौथे स्थान पर है।
पौधारोपण अभियान के तहत अब तक वन विभाग ने 13 लाख 45 हजार 688, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने 9 लाख 3 हजार 870 शिक्षा विभाग ने 8 लाख 15 हजार 33, शहरी निकाय ने 2 लाख 27 हजार 122, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 1 लाख 79 हजार 870 सहित अन्य कृषि, उद्यान, पुलिस, पीडब्ल्यूडी तथा खान एवं भूविज्ञान विभागों ने अधिकाधिक पौधारोपण कर अपना विशेष योगदान दिया।
जिले में सर्वाधिक पौधारोपण खाजूवाला ब्लॉक में हुआ। यहां 8 लाख 42 हजार 303 पौधे लगाए गए। इसके बाद बीकानेर शहरी क्षेत्र में 7 लाख 74 हजार 301 पौधे लगाए गए। पूगल ब्लॉक में 7 लाख 05 हजार 747 तथा श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में 3 लाख 16 हजार 172 पौधे लगाए गए। यह अभियान केवल प्रशासनिक प्रयास न होकर जन-अभियान बन चुका है। स्थानीय समुदाय, विद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों और ग्रामीणों की सहभागिता से अभियान को गति मिली है।
‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत जिले में प्रशासन के सहयोग के साथ सही कार्य योजना, विभागीय समन्वय और नागरिकों की सहभागिता से रेगिस्तान इलाका भी हरियाली से आच्छादित हो रहा है। यह हरियाली न केवल पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और जैव विविधता में सुधार लाएगी, बल्कि जिले के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।