
बीकानेर, 6 सितंबर 2025: हर वर्ष की तरह इस बार भी 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के नेत्र चिकित्सा विभाग में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन में नेत्रदान के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाना है। यह पखवाड़ा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेत्रदान संकल्प की याद में मनाया जाता है, जो देशभर में लाखों लोगों को प्रेरित करता रहा है।
पखवाड़े की शुरुआत 25 अगस्त को विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना जैन द्वारा एक विशेष पोस्टर का विमोचन कर की गई। यह पोस्टर नेत्रदान के लाभों और प्रक्रिया को सरल भाषा में दर्शाता है। डॉ. जैन ने बताया कि देश में करीब 1.2 मिलियन लोग कॉर्निया संबंधी अंधत्व से पीड़ित हैं, जबकि नेत्रदान से इसे रोका जा सकता है। उन्होंने अपील की कि हर व्यक्ति मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने का संकल्प ले।
इस कड़ी में विभाग की डॉ. पूनम भार्गव ने रेडियो टॉक का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने नेत्रदान से जुड़े मिथकों को दूर किया। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी उम्र, लिंग या रक्त समूह का हो, नेत्रदान कर सकता है। डायबिटीज या चश्मे का उपयोग करने वाले लोग भी योग्य दानकर्ता हो सकते हैं, बशर्ते कोई संक्रामिक रोग न हो।
पखवाड़े के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम 4 सितंबर को आयोजित किया गया, जिसमें पटेल आई बैंक, नेत्र चिकित्सा विभाग, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज और आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान ने संयुक्त रूप से हेल्प डेस्क का संचालन किया। इस डेस्क पर विभाग में आने वाले मरीजों को नेत्रदान की पूरी जानकारी दी गई और संकल्प पत्र वितरित किए गए। मरीजों को बताया गया कि नेत्रदान एक सरल प्रक्रिया है, जो मृत्यु के 6-8 घंटे के अंदर की जाती है और इससे दो लोगों को दृष्टि प्राप्त हो सकती है।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना जैन, डॉ. अनिल चौहान आचार्य, डॉ. विमला बेनीवाल, विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों के अलावा नेत्रदान सलाहकार विजेंद्र सिंह, हिमांशु साध, आई बैंक सोसाइटी राजस्थान के सहायक प्रबंधक तिरुपति सिंह तथा नेत्रदान सलाहकार निलंदर सिंह ने शिरकत की। सभी ने संकल्प लिया कि नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेंगे।
डॉ. जैन ने कहा, “नेत्रदान न केवल एक दान है, बल्कि यह जीवन का उपहार है। हमारा लक्ष्य है कि बीकानेर संभाग में नेत्रदान की संख्या को दोगुना करें।” पखवाड़े के अंत तक और अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें स्कूलों और समुदायों में जागरूकता सत्र शामिल हैं। इच्छुक व्यक्ति स्थानीय आई बैंक से संपर्क कर संकल्प पत्र भर सकते हैं।