गुरु की भक्ति करेंगे तो न केवल शक्ति, बल्कि चमत्कार निश्चित ही करेंगे प्रभावित : जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज

Description of image

बीकानेर । परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरि जी महाराज ने कहा कि गुरु की भक्ति करनी सीख जाएंगे तो गुरु की अदृश्य शक्ति के साथ उनके चमत्कार भी शिष्य को अवश्य प्रभावित करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह बगैर स्वार्थ के दुलारते हुए माँ अपने पुत्र को स्तनपान कराती है उसी तरह भक्त को भी अपने गुरु की निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। भक्ति वही है जिसमें यदि गुरु दुखी है तो शिष्य भी दुखी हो जाये। वे बोले कि गुरु भक्ति में विवेक आ जाये तो भक्ति अपने आप शुरू हो जाये।

गंगाशहर राेड़ पर अग्रवाल भवन में चैत्र नवरात्रि विराट कथा यज्ञ महामहाेत्सव में शनिवार को सनातनी सिद्ध साधना शक्ति का सार्वजनिक अहसास कराया। पूज्य गुरुदेव वैश्विक स्तर पर स्वयं बीकानेर में रहते सूक्ष्म रुप से बड़ी संख्या में अपने भक्तों के घर-घर जाकर प्रसाद ग्रहण किए, कहीं खुशबू का एहसास कराया तो अनेक जगहों पर नोट सिक्के व विविध चीजें भी स्वत: प्राप्त हुए। साथ ही साथ श्रद्धालुओं द्वारा पूज्य जगद्गुरु श्रीजी के कहे अनुसार बगैर प्रज्वलित किए रखे गए तैयार दीयों को स्वत: रोशन कर आध्यात्म योगीराज श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने अपनी विशिष्ट दैवीय कृपामय अलौकिक शक्तियों की भी हमेशा की भांति अभिनव चमत्कारी अनुभूति कराई।

विश्व इतिहास में बीकानेर की धरा पर अलग तरह के अनुभव के बाद जयकाराें से गूंजायमान परिसर..

विश्व इतिहास में बीकानेर की धरा से प्रतिदिन एक दिव्य आध्यात्मिक साधक संत श्रीजी द्वारा विभिन्न प्रकार से रोग कष्ट निवारण, धन प्रदायक, ऋण मुक्ति सहित अनेक रुके हुए कार्यों के सम्पन्न होने जैसे कार्यों के बाद ऐसा अनुभव हजारों की संख्या में उपस्थित स्थानीय सहित देश दुनिया के विभिन्न शहर राज्यों से आए श्रृद्धालुओं ने अनुभव कर पूज्य जगद्गुरु श्रीजी के जयकारों को गुंजायमान किया।

संभाग मुख्यालय स्थित गंगाशहर मार्ग पर अग्रवाल भवन परिसर में ग्यारह दिवसीय ऐतिहासिक विराट चैत्र नवरात्रि पर्व महोत्सव एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शास्त्रोक्त विधि से श्री महालक्ष्मी महायज्ञ हवन कुटीर में आहुतियां भी दी जा रही है। इस दौरान पूज्यपाद जगद्गुरु श्रीजी बोले, सच्ची श्रद्धा से कभी भी गुरु के सामने विश्वास से जाओगे तो दुख अपने आप में मिट जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु सेवा के अनेक फायदे है जिसमें गुरु चरण की भक्ति करें। संतश्रीजी ने कहा कि गुरु, माता पिता, अग्रजों-बुजुर्गों व संतजनों की सेवा करने का चमत्कारिक लाभ निश्चित मिलता ही है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को एक दास व सेवक के रूप में ईश्वरीय सत्ता पर विश्वास करना जरूरी है, उसका फल अवश्य प्राप्त होगा।

Spread the love
Load More Related Articles
Load More By sachrajasthan
Load More In Uncategorized
Comments are closed.

Check Also

भारतीय सेना में इंजीनियर की भूमिका पर आयोजित हुआ व्याख्यान

दिनांक : 28.03.2026 | बीकानेरराजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, बीकानेर में एनसीसी इकाई के तत…