
बीकानेर। शिवबाड़ी स्थित श्री ज्योत भारती जी के धूणे पर चल रही श्री शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस कथा वाचक संतोष सागर जी महाराज ने बिल्वपत्र की उत्पत्ति एवं उसकी महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
समाजसेवी नित्यानंद पारीक ने बताया कि कथा के दौरान संतोष सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव को बिल्वपत्र अत्यंत प्रिय है। श्रद्धापूर्वक भगवान शिव को बिल्वपत्र अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। महाराज ने बिल्वपत्र की उत्पत्ति एवं धार्मिक महत्ता से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को सरल एवं भावपूर्ण तरीके से श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह का सुंदर प्रसंग भी सुनाया गया। शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा पंडाल में बच्चों द्वारा शिव-पार्वती के गणवेश में दी गई प्रस्तुति ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरा कथा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर ज्योत भारती धूणे से जुड़े सादुल सिंह, शिव भैरू, उमाराम चौधरी, राजू कुमावत, मनोज जोशी, किशन जी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कथा में आने वाले भक्तजनों की सेवा एवं आवभगत में सहयोग किया।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के जयकारे लगाते हुए धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।