
बीकानेर। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर ब्राह्मण वैश्य क्षत्रिय समाज की ओर से पारंपरिक श्रावणी कर्म का आयोजन किया गया। इस क्रम में धरणीधर तालाब पर प्रातःकाल श्रावणी कर्म की प्रारंभिक विधियां संपन्न हुईं, वहीं हर्षोलाव तालाब पर यज्ञ का आयोजन किया गया।
श्रावणी कर्म आचार्य पंगोपाल जी ओझा के सान्निध्य में विधि-विधान से संपन्न करवाया गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्री चन्द्र प्रकाश बिन्नाणी रहे। श्रावणी कर्म के दौरान ऋषि पूजन, हेमादि संकल्प, पितृ तर्पण, यज्ञ तथा यज्ञोपवीत पूजन एवं धारण की धार्मिक विधियां संपन्न की गईं।
आचार्य ओझा ने बताया कि हिंदू शास्त्रों में यज्ञोपवीत धारण करने वाले व्यक्तियों के लिए श्रावणी कर्म का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। यह कर्म ऋषि परंपरा, पितरों के प्रति श्रद्धा और धार्मिक संस्कारों के प्रति आस्था का प्रतीक है।
कार्यक्रम में ऋषि इन्दु जोशी, नंद किशोर बिन्नाणी, चन्द्र प्रकाश जोशी सहित समाज के अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर विधि-विधान से श्रावणी कर्म संपन्न किया।