
बीकानेर, 29.09.2026,जिला कांग्रेस कमेटी शहर व देहात, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में एवं राष्ट्रीय सचिव व राज. सह-प्रभारी चिरंजीवी राव की अगुवाई में कोटगेट से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री मोदी व ज्ञानेश कुमार का पुतला फुंका गया। तत्पश्चात राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए निर्णयों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित शिकायतों एवं दर्ज आपत्तियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने व पद से हटाने की मांग की गई।
ज्ञापन में दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों के दौरान निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। ज्ञापन में इन आपत्तियों से जुड़े अभिलेखों की जांच कराने की मांग की गई है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। साथ ही निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और उसके केंद्रीकरण से जुड़े निर्णयों की पारदर्शिता एवं वैधानिकता की जांच की मांग भी राष्ट्रपति से की गई।
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन में गिरफ्तारी, पद से हटाने तथा कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। इसके अलावा जांच के निष्कर्ष और की गई कार्रवाई को सार्वजनिक करने का भी आग्रह किया गया।
राष्ट्रªीय सचिव व राजस्थान सह-प्रभारी चिरंजीवी राव ने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े गंभीर सवालों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। राव ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सर्वाेच्च महत्व रखती है, निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली और उसके केंद्रीकरण से जुड़े निर्णय भी बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसलिए निर्वाचन आयोग से संबंधित उठी आपत्तियों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाया जाना परमावश्यक है।
देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठे हैं, उनकी स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और योग्य मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी मांग है कि एसआईआर से जुड़े सभी निर्णयों और उनके प्रभाव की पारदर्शी तरीके से जांच की जाए। ज्ञानेश कुमार को शीघ्र गिरफ्तार कर फांसी की सजा देनी चाहिए।
शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई बताई जा रही औपचारिक आपत्तियों और उनसे संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की हम मांग करते है। आयोग के स्तर पर किसी निर्णय को लेकर आपत्तियां दर्ज हुई हैं, तो उनके कारणों और संबंधित अभिलेखों की स्वतंत्र रूप से जांच व समीक्षा होनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्णय किस प्रक्रिया के तहत लिए गए और सभी संवैधानिक पदाधिकारियों की भूमिका किस प्रकार रही। दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।
पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया बड़े पैमाने पर तकनीकी प्रणालियों पर निर्भर है। इसलिए इन प्रणालियों की पारदर्शिता, सुरक्षा, नियंत्रण और वैधानिक प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच व समीक्षा की जानी चाहिए। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक निर्णयों की जानकारी उचित स्तर पर सार्वजनिक होने से नागरिकों का विश्वास मजबूत होगा और उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक समाधान भी हो सकेगा। इसके लिए सर्वप्रथम ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करके ही जांच होनी चाहिए ताकि जांच प्रभावित नहीं हो सकें।
जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रद्युम्नसिंह राठौड़, भूदान बोर्ड चेयरमैन लक्ष्मण कडवासरा, डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, विरेन्द्र बेनिवाल, मेयर अनिल कल्ला, मकसूद अहमद, गजेन्द्रसिंह सांखला, अरूण व्यास, सुशीला सींवर, मो. हारूण राठौड़, कमल कल्ला आदि ने अपने सम्बोधन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी, पद से हटाने और कड़ी कार्रवाई की मांग की। हमारा स्पष्ट आग्रह है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत हो तथा जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच के निष्कर्ष और सरकार अथवा संबंधित संवैधानिक संस्थाओं द्वारा की गई कार्रवाई को सार्वजनिक किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बना रहे।
आज के प्रदर्शन में मनीष पुरोहित नटसा, कन्हैयालाल कल्ला, डीसी गहलोत, पूनमचन्द भाम्भू, आनन्दसिंह सोढ़ा, सुमित वल्लभ कोचर, कॉमरेड हनुमान चौधरी, स्वरूपचन्द गहलोत, शान्ति बेनिवाल, शशिकला राठौड़, अत्ता हुसैन कादरी, श्रीकृष्ण गोदारा, जाकिर नागौरी, आशा देवी स्वामी, भिखाराम मेघवाल, परताराम चौधरी, उमा करल, राजेन्द्र बापेउ, एड. ओमप्रकाश जाखड़, मेवाराम मेघवाल, नितिन वत्सस, नवरतन डागा, गिरधारीलाल प्रजापत, मेवाराम मेघवाल, शिवदान मेघवाल राहुल जादुसंगत, डॉ. प्रीति मेघवाल, अम्बाराम इणखिया, दिलिप कुमार बांठिया, ओमप्रकाश लोहिया, नित्यानंद पारीक, राजकुमारी व्यास, राजपाल नेहरा, अरविन्द मिढ़ा, शर्मिला पंचारिया, शलीना खान, वन्दना गुप्ता, राजभटनागर, मनोज नायक, बिशनसिंह भाटी, नासिर शहजाद तंवर, राजपाल कुलहरी, मुखराम धतरवाल, अर्जुनराम कूकणा, महेन्द्र देवड़ा, मैक्स नायक, लक्ष्मी गुप्ता, जयकिशन गहलोत, अशोक कुमार लीलड़, खेमाराम, प्रेमकुमार दैया, नरेन्द्रद्र देवड़ा, रवि जनागल, अशोक आचार्य, चन्द्रशेखर चांवरिया, शान्तीलाल सेठिया, अमरीकसिंह, डूंगरमल प्रजापत, ओमप्रकाश ज्याणी, ताहिर हसन, सुनील सारस्वत, ओमप्रकाश मेघवाल, मनोज कुमार व्यास, मनोहर चांवरिया, राजूराम भद्रवाल, मनोज गहलोत, रईस अली, हंसराज बिश्नोई, अशोक पुरोहित, विनय कुमार आचार्य, शकील अहमद, माणक चन्द, संजयदयाल पुरोहित, असगर, भागीरथ मीणा, गोरधनराम डूडी, अभिषेक गहलोत, पूनमचन्द, देवाराम पन्नू, शंकर गहलोत, रमेश कुमार, ओमप्रकाश, राधेयश्याम, सुरेन्द्रसिंह राठौड़, मोसीम भूट्टा, पन्नाराम नायक, याकूब अली कल्लर, अशोक प्रेमी, मो. आसिफ, हरिप्रकाश वाल्मिकी, निर्मला चांवरिया, बलराम, अहमद अली भाटी, स्वरूपचन्द, श्रीराम डेलू, सीताराम डूडी, सफी मोहम्मद, कमल गोयल, मदनलाल बिश्नोई, गोपाल चांवरिया, मन्जू गोस्वामी, सलीम सम्मा, बलराम कुकणा, सोनू बारासा, मो. फारूक, मुकेश जोशी, योगेश गहलोत, रज्जाम खान, एड. रविन्द्रपाल, ओमप्रकाश भाटी, शान्ति लाल, मो. अतीक, विकास धरट, अभिषेक मेघवाल, रामस्वरूप, यूनीश अली, पूनमराम, कुम्भाराम मेघवाल, टीकूराम, जगराम, सोहनलाल महिया, शहजाद खान, जगदीश शर्मा, एड. पानमल बिश्नोई, पुनमचन्द नायक, पाबुराम नायक, बिरजाराम भील, जितेन्द्र, कन्हैयालाल जोशी, ओम जनागल, चम्पालाल बारूपाल, शेराराम, भीयांराम, दिनेश मीणा, रोहित पंडित, एड. रोहित सिंह, भोलाराम, सुखदेव नाथ, अनिल व्यास, जावेद भाटी, अनिल, असलम, नासिर शहजाद, मुरलीधर पन्नू, अकरम, मो. शहीद, कामेश्वर प्रताप सिंह, राधाकिशन सुधार, सुमन बारासा, एजाज अहमद पठान, जयदीप जावा, रामनाथ आचार्य, हसन अली, विरेन्द्र सिंह, मदन सियाग, राधेश्याम तर्ड, रिछपाल सीगड़, रामसिंह, सुरेश वाल्मिकी, भगवानसिंह, प्रमोद सिंघला, बाबूलाल पार्षद, अरमान अली, जेठाराम, गणेश, लीलाधर, फरीदा, राजकुमार गोयल, अंजु पारख, महेन्द्र कूकणा, राकेश कूकणा, मनोज कूकणा, मनोज कुमार मूण्ड, हरिशंकर नायक, फुसाराम, तोलाराम, मुकेश आचार्य, लालचन्द सींवर, आनन्दकुमार, नवीन जांगीड़, कुदरत अली चौहान, मो. इस्माईल खिलजी, नरेशकुमार नायक, योगेश वाल्मिकी, एड. पुष्पेन्द्र चौधरी, एड. श्याम रामावत, एड. दिनेश मूण्ड, सीताराम नायक, दीलिप मान, कमल प्रकाश जनागल, श्याम कुमार तंवर, पारस मारू, माणक, ओमप्रकाश शर्मा, मनोज चौधरी, मनोज नागल, विकास तंवर, नन्दराम गहलोत, गौरीशंकर, लक्ष्मण, श्याम, अनिल तंवर, शंकर, विजेन्द्र सिंह, लालराम ज्याणी आदि सहित सैकण्डों कांग्रेसजन मौजूद रहें।