बीकानेर, 31.10.2026,भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री एवं आयरन लेडी के नाम से विख्यात स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के 42वें बलिदान दिवस तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर बीकानेर जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल एवं देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने दोनों महान विभूतियों को माल्याअर्पण व पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। कांग्रेसजनों ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रतिमा तथा सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उपस्थित कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं द्वारा देश के प्रति समर्पण, त्याग, योगदान, दूरदर्शी नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों ने पुष्पाजंली अर्पित करते हुए इंदिरा गांधी अमर रहे जब तक सूरज चांद रहेगा इन्द्रा जी का नाम रहेंगा सरदार पटेल अमर रहे इत्यादि नारे लागाये।
इस अवसर पर शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इंदिरा गांधी की हत्या ने देश को राजनीतिक एवं सांप्रदायिक संकट की ओर धकेल दिया था। ऐसे में उनका बलिदान दिवस देश की एकता, अखंडता और सद्भाव को याद करने तथा आपसी भाईचारे का संदेश देने का अवसर है। उनका बलिदान हमें सदैव देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रेरणा से भारत ने विविधताओं के बावजूद एकता की मिसाल कायम की है। भाषा, धर्म और संस्कृति की भिन्नताओं के बावजूद हमारा देश एक है।
देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि इंदिरा गांधी ने मजबूत एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी विरासत शांति, सद्भाव और प्रेम का संदेश देती है। उनका साहस और शौर्य केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध रहा। गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भी इंदिरा गांधी का विशेष योगदान रहा और वे कई बार इस आंदोलन की अध्यक्ष चुनी गईं। उनके नेतृत्व में हरित क्रांति और श्वेत क्रांति को नई गति मिली, जिससे भारत कृषि एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुआ। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की विरासत राजनीति से ऊपर है। वे राष्ट्रीय एकता, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र कल्याण के प्रति समर्पण के प्रतीक थे।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव गजेन्द्र सिंह सांखला ने इंदिरा गांधी को शक्ति, समर्पण, साहस और दृढ़ नेतृत्व की मिसाल बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करते हुए इंदिरा गांधी ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वहीं सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन नेतृत्व क्षमता, समर्पण और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक है। उनके प्रयासों ने भारत को एक मजबूत एवं एकीकृत राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
खनन विभाग जिलाध्यक्ष आम्बाराम इणखिया ने कहा कि इंदिरा गांधी की कार्यशैली और प्रभावशाली व्यक्तित्व ने उन्हें देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय जननेता के रूप में स्थापित किया। इंदिरा प्रियदर्शिनी से लेकर देश की प्रधानमंत्री बनने तक उनकी जनसेवा और समर्पण की यात्रा भारतीय इतिहास का अविस्मरणीय अध्याय है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है। स्वतंत्रता के बाद देश की लगभग 562 रियासतों का भारतीय संघ में विलय करवाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनका योगदान सदैव राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
सामाजिक न्याय व अधिकारिता प्रकोष्ठ शहर अध्यक्ष करणीसिंह राजपुरोहित ने कहा कि स्व. इन्दिरा गांधी ने भारत की एकता, सामाजिक-विकास, विदेशी नीति जैसे क्षेत्रों में योगदान दिया तथा उनकी दृढ़निश्चयी कार्यशैली और विश्वसनियता के कारण उनको आयरन लेडी कहा गया। उन्होनें पटेल की जयन्ति पर कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकता, अखंडता और “एक भारत-सर्वश्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने का दिन भी है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल ने बताया कि इस अवसर पर नितिन वत्सस, शान्ति बेनिवाल, हजारी देवड़ा, राहुल जादुसंगत, आनन्दसिंह सोढा, धनसुख आचार्य, पूनमचन्द भाम्भू, डीसी गहलोत, सुनीता गौड़, मुमताज शेख, बेनजीर बानो, शर्मिला पंचारिया, पन्नालाल मेघवाल, सहित कांग्रेसजनों ने सम्बोधित करते हुए कहा कि इन्दिरा जी लोकतांत्रिक समाजवाद की प्रणेता थीं। बैंकों और तेल कंपनियों का राष्ट्रीयकरण उनके प्रगतिशील कदम थे, जिनमें समानता का सपना छिपा था। इंदिराजी ने गरीबी हटाओ और 20 सूत्रीय कार्यक्रम के माध्यम से देश के सामाजिक, आर्थिक ताने-बाने को मजबूत किया।
मार्शल ने बताया कि इस कार्यक्रम में अमरीकसिंह, तोलाराम सियाग, गोरधनलाल मीणा, एजाज अहमद पठान, मुस्ताक अहमद, भवानी शंकर गहलोत, एड. जितेन्द्र नायक, रवि जनागल, नरेश नायक, बृजरतन पंचारिया, अब्दुल रहमान लोदरा, विनयकुमार आचार्य, विकास धरट, भीखाराम मेघवाल, अशोक प्रेमी, कमल गोयल, नवीन जांगीड़, लक्ष्मण व्यास, दिनेश मीणा, कामेश्वर प्रतापसिंह, मो. आमीन, मनीष, भवानी शंकर कोशिक, अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहें।
