
बीकानेर, 10 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले की समस्त पंचायत समितियों में शनिवार को पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य तथा जिला परिषद सदस्य पदों के संभावित प्रत्याशियों के लिए प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
पहली बार आयोजित इन कार्यशालाओं में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। कार्यशालाओं के माध्यम से संभावित प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रक्रिया, नियमों और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में आयोजित कार्यशालाओं में प्रशिक्षण अधिकारियों तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान आगामी पंचायत चुनावों के विभिन्न चरणों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने संभावित प्रत्याशियों को नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, निर्वाचन संबंधी नियमों तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया।
कार्यशालाओं में निर्वाचन आचार संहिता की पालना, चुनाव से जुड़े कानूनी प्रावधानों, प्रत्याशियों के निर्वाचन व्यय तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्र से आए जनप्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनके प्रश्नों के जवाब भी दिए। इससे संभावित प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रक्रिया की बारीकियों को समझने का अवसर मिला।
शनिवार को नोखा, जसरासर, पांचू, छत्तरगढ़, खाजूवाला, पूगल, श्रीडूंगरगढ़, कोलायत, बज्जू, हदा, बीठनोक, लूणकरणसर और रीडी सहित जिले की 13 पंचायत समितियों में इन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। वहीं बीकानेर और रुणिया के लिए जिला मुख्यालय पर कार्यशाला हुई। इसमें जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशान्त जैन भी मौजूद रहे। प्रत्येक स्थान पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और संभावित प्रत्याशियों की उपस्थिति रही।
पहली बार आयोजित इन कार्यशालाओं को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन प्रक्रिया की पूर्व जानकारी उपलब्ध करवाने की इस पहल से संभावित प्रत्याशियों को चुनाव संबंधी नियमों, प्रक्रियाओं और दायित्वों को समझने में मदद मिली। कार्यशालाओं का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रत्याशियों को नियमों की जानकारी देकर चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहयोग करना था।