सेवा, संवेदना और शिक्षा के समर्पण को सलाम, सेवानिवृत्ति से पहले बीरबल मेघवाल का हुआ सम्मान

बीकानेर, 24 अक्टूबर। राजकीय सेवाओं में कर्तव्यनिष्ठा और समाजसेवा में मानवीय संवेदनाओं की मिसाल बने राजकीय विधि महाविद्यालय, बीकानेर के पुस्तकालयाध्यक्ष बीरबल मेघवाल के सम्मान में राजकीय डूंगर महाविद्यालय में समारोह आयोजित किया गया। आगामी 31 अक्टूबर को राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने जा रहे मेघवाल के शैक्षणिक योगदान, सहयोगी स्वभाव और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए महाविद्यालय के संकाय सदस्यों ने उनका अभिनंदन किया और भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

 

आयोजन समन्वयक प्रोफेसर विक्रमजीत ने बताया कि बीरबल मेघवाल लंबे समय तक राजकीय डूंगर महाविद्यालय में पदस्थापित रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सरल व्यवहार और विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता से महाविद्यालय परिवार में विशेष स्थान बनाया। उनके राजकीय दायित्वों के साथ समाजसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के उद्देश्य से यह समारोह आयोजित किया गया।

 

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि बीरबल मेघवाल जैसे व्यक्तित्व राजकीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ समाजसेवा में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। जरूरतमंद लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सेवाभाव दूसरों के लिए प्रेरणादायी है। ऐसे कार्मिक किसी भी संस्थान में सहयोग, मानवीयता और आत्मीयता की संस्कृति को मजबूत करते हैं।

 

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अन्ना राम शर्मा ने मेघवाल की ओर से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए संचालित भोजनालय तथा अन्य सेवा कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद को भोजन उपलब्ध कराना और कठिन परिस्थितियों में लोगों का सहारा बनना समाजसेवा का सार्थक स्वरूप है।

 

प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी ने कहा कि बीरबल मेघवाल का सम्मान उन मानवीय मूल्यों का सम्मान है, जो एक संवेदनशील नागरिक की पहचान हैं। उन्होंने बताया कि मेघवाल ने आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे अनेक गरीब विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी शिक्षा जारी रखने में सहयोग किया। किसी विद्यार्थी को संकट के समय संबल देना उसके भविष्य के साथ पूरे परिवार की उम्मीदों को सहारा देने जैसा है।

 

समारोह में वक्ताओं ने बीरबल मेघवाल की राजकीय सेवाओं के साथ उनके सामाजिक सरोकारों, विद्यार्थियों के प्रति सहयोगपूर्ण व्यवहार और जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता को रेखांकित किया।

 

इस अवसर पर राजकीय विधि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर भगवाना राम बिश्नोई, कॉलेज शिक्षा के सहायक निदेशक पुष्पेंद्र सिंह शेखावत सहित विभिन्न विभागों के विभाग प्रभारी और संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

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