
जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर राजस्थान के डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में एक अभूतपूर्व और क्रांतिकारी अध्याय की शुरुआत हुई है। पूज्य गुरुदेव ओम सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षिजी की पावन प्रेरणा से संचालित देवराहा बाबा गौसेवा परिवार ने समस्त देशवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पूज्यश्री देवराहा बाबा के दिव्य विजन “भारत की गौ-आधारित अर्थव्यवस्था” को धरातल पर उतारने की कड़ी में देवराहा बाबा गौसेवा परिवार ने देश की अग्रणी जेनेटिक्स संस्था हैवीबुल जेनेटिक्स के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऐतिहासिक एमओयू के तहत, आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से गिर नस्ल के 100 उत्कृष्ट बछड़े/बछड़ियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रथम चरण में राजस्थान के ग्राम भेराना (बिचून) स्थित ‘रुद्र शिवम् लाइवस्टॉक एसोसिएशन’ के भेराना (बिचून) परिसर में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जाएगा, जो राजस्थान में गिर नस्ल के सुधार में एक नई क्रांति लाएगा। इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बनने के लिए राजस्थान के एकमात्र राष्ट्रीय ‘गोपाल रत्न पुरस्कार’ विजेता सुरेंद्र अवाना भी इस अवसर पर विशेष रुप से उपस्थित रहे। उन्होंने देवराहा बाबा गौसेवा परिवार के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक जेनेटिक्स विज्ञान का यह अनूठा संगम राजस्थान में स्वदेशी गौवंश के संरक्षण और संवर्धन का एक नया मॉडल पेश करेगा। सिद्धेश्वर वर्ल्ड फाउंडेशन श्रीब्रह्मर्षि आश्रम तिरुपति के राष्ट्रीय संयोजक संजय शर्मा ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य गाय, ग्रामीण विकास, पर्यावरण और सनातन संस्कृति है। यह कार्य सिद्धगुरु सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव की प्रेरणा से उनके वैश्विक शांति अभियान को समर्पित है।