बीकानेर। राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़े की श्रृंखला के तीसरे दिन विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जनजातीय समाज के अधिकारों, उत्थान और विकास में भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष तथा भारतीय संविधान के माध्यम से डॉ. भीमराव आंबेडकर के ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं प्रशासन मंडल के वरिष्ठ सदस्य प्रोफेसर अन्नाराम शर्मा के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से आदिवासी समाज के अधिकारों की सुरक्षा और उनके विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान एवं अपने विधायी कार्यों के माध्यम से आदिवासी समाज के अधिकारों, सुरक्षा और विकास को सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक योगदान दिया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. सत्यनारायण जाटोलिया ने प्रतियोगिताओं के नियमों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को उनमें उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनके ज्ञान, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं।
इस अवसर पर विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने निबंध लेखन, भाषण एवं जनजातीय विषयों पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने जनजातीय संस्कृति, इतिहास, सामाजिक योगदान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपनी जानकारी एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
सत्र के समापन पर कार्यक्रम की सह-संयोजक डॉ. शशि बेसरवारिया एवं डॉ. पूजा चौधरी ने प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए।
प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे—
निबंध प्रतियोगिता
– प्रथम – योगेंद्र सिंह राठौड़
– द्वितीय – पारस जीनगर
– तृतीय – पूनम चांद सारण
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
– प्रथम – पवन थर्ड
– द्वितीय – नीरज एवं पूनम चांद सारण
– तृतीय – योगेंद्र सिंह राठौड़
भाषण प्रतियोगिता
– प्रथम – योगेंद्र सिंह राठौड़
– द्वितीय – पूनम चांद सारण एवं सुनील
सभी विजेता प्रतिभागियों को जनजातीय गौरव दिवस पखवाड़े के समापन समारोह में प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. सत्यनारायण जाटोलिया ने निर्णायकों एवं संकाय सदस्यों डॉ. अनिल कुमार बारिया, डॉ. अनीता गोयल, डॉ. शर्मिला पूनिया, डॉ. विनोद कुमार एवं डॉ. रमेश पुरी का आभार व्यक्त किया।
