बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में शैक्षणिक विकास, कार्मिक कल्याण और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बुधवार को कुलगुरु प्रो. नरसी राम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित प्रबन्ध बोर्ड की 46वीं बैठक में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए रोस्टर निर्धारण, पीएचडी करने वाले नियमित शिक्षकों एवं कार्मिकों को शुल्क में 50 प्रतिशत छूट तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेताओं को निःशुल्क प्रवेश देने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी
बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों पर आगामी समय में भर्ती प्रक्रिया के लिए रोस्टर निर्धारण प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। वहीं, वर्ष 2024 में शैक्षणिक पदों के लिए जारी विज्ञापन को निरस्त करने का निर्णय भी लिया गया।
पीएचडी पर 50 प्रतिशत शुल्क माफ, RGHS में भी राहत
विश्वविद्यालय के नियमित शिक्षक एवं कार्मिक पीएचडी के माध्यम से अपने शैक्षणिक करियर को आगे बढ़ा सकें, इसके लिए पीएचडी करने पर 50 प्रतिशत शुल्क माफ करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त RGHS के लिए वार्षिक आधार पर एकमुश्त ली जाने वाली राशि को मासिक आधार पर लेने का फैसला किया गया, जिससे कार्मिकों पर एक साथ आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
स्वर्ण पदक विजेताओं को निःशुल्क प्रवेश
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स एवं वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रवेश देने का निर्णय लिया गया। साथ ही लिपिक एवं कम्प्यूटर संवर्ग के पदों के पदनाम राज्य सरकार के अनुरूप करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
महाराजा गंगा सिंह के जीवन पर तैयार होगा संपूर्ण वांग्मय
गंग नहर के शताब्दी वर्ष के अवसर पर महाराजा गंगा सिंह के जीवन वृत्त पर आधारित संपूर्ण वांग्मय तैयार करवाने के प्रस्ताव का भी प्रबन्ध बोर्ड ने अनुमोदन किया। यह कार्य केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय द्वारा करवाया जा रहा है।
बैठक में राज्य सरकार द्वारा नामित सदस्य प्रो. कमल कुमार मिश्रा एवं डॉ. ग्यारसी लाल जाट तथा राज्यपाल द्वारा नामित सदस्य प्रो. भाना राम गाड़ी एवं डॉ. वरुण यादव सहित विश्वविद्यालय के आचार्य एवं संकायाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक के निर्णय विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्मिक हितों, शैक्षणिक उन्नति और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने से जुड़े रहे।
