
बीकानेर, 11 सितंबर। राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीकानेर में ‘नई किरण नशामुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत शुक्रवार को नशामुक्ति एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. भगवान राम बिश्नोई ने की। उन्होंने कहा कि नशा आज एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। विशेषकर युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन अपनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. हरमीत सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के विभिन्न प्रकारों, उनके दुष्प्रभावों तथा नशामुक्ति के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत कोई अपराध नहीं, बल्कि एक बीमारी है, जिसका उपचार एवं पुनर्वास संभव है। उन्होंने कहा कि अनेक अपराधों के पीछे नशे की भूमिका होती है तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए व्यापक जागरूकता आवश्यक है। डॉ. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे लगभग एक हजार लोगों को नशे से मुक्त कराने एवं उनके पुनर्वास में सहायता कर चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रितु चौधरी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कुमुद जैन ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय का शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।