
बीकानेर। बीकानेर से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित विश्व प्रसिद्ध पूनरासर धाम में भादवा मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आगामी 17, 18 एवं 19 सितंबर को पूनरासर धाम में भव्य भादवा मेला आयोजित होगा। मेले में बीकानेर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु बाबा हनुमान के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आस्था और श्रद्धा के साथ धाम पहुंचेंगे।
पूनरासर धाम के पुजारियों ने बताया कि यह स्थान श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां विराजमान बाबा हनुमान को चमत्कारी एवं मनोकामना पूर्ण करने वाले देवता के रूप में श्रद्धालु मानते हैं। भादवा मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन एवं सेवा का लाभ लेने के लिए पूनरासर पहुंचते हैं।
308 वर्षों से बोथरा परिवार कर रहा सेवा
पुजारी विमल कुमार बोथरा ने पूनरासर धाम के इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि करीब 308 वर्ष पूर्व उनके पूर्वजों को एक पेड़ के नीचे बाबा हनुमान की मूर्ति प्राप्त हुई थी। मान्यता के अनुसार बाबा ने उनके पूर्वजों को आशीर्वाद देकर मूर्ति को पुनरासर गांव में ले जाकर स्थापित करने और पूजा-अर्चना करने का संदेश दिया।
इसके बाद बोथरा परिवार ने बाबा की सेवा एवं पूजा-अर्चना को अपना दायित्व माना। तभी से पीढ़ी-दर-पीढ़ी बोथरा परिवार द्वारा बाबा हनुमान की सेवा की जा रही है। परिवार के अनुसार बाबा के आशीर्वाद से श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती गई और आज पूनरासर धाम देशभर में श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
पुजारी परिवार ने बताया कि बोथरा परिवार ओसवाल समाज की परंपरा से जुड़ा हुआ है और लंबे समय से मंदिर की पूजा-अर्चना एवं व्यवस्थाओं का संचालन करता आ रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुजारी धनराज बोथरा ने बताया कि भादवा मेले के दौरान बड़ी संख्या में पैदल यात्री और श्रद्धालु पूनरासर धाम पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ठहरने, भोजन-प्रसाद, पानी, स्नान आदि की व्यवस्थाएं की जाएंगी। पैदल यात्रियों की थकान को देखते हुए मालिश/मसाज की व्यवस्था भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पुजारी परिवार, ट्रस्ट, प्रशासन तथा सहयोगी संस्थाएं मिलकर मेले की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटी हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो और वे शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से बाबा के दर्शन कर सकें।
प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था
मेले में लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी आवश्यक सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। पुजारी परिवार एवं प्रशासन के बीच समन्वय से मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने और यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की तैयारियां की जा रही हैं।
पुजारी परिवार ने कहा कि बाबा हनुमान के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा और सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन एवं मेला व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों का सहयोग करें तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही दर्शन करें।
12 साल बाद मिली सेवा की बारी
पुजारी परिवार ने बताया कि पूनरासर धाम की सेवा का अवसर लंबे अंतराल के बाद प्राप्त हुआ है। कोरोना काल के कारण व्यवस्था प्रभावित होने से इस बार करीब 12 वर्ष बाद बोथरा परिवार की बारी आई है। परिवार इस अवसर को बाबा हनुमान का आशीर्वाद मानते हुए पूरी श्रद्धा एवं समर्पण के साथ सेवा में जुटा है।
बताया गया कि जियालाल बोथरा के पुत्र धर्मचंद बोथरा के पौत्रों द्वारा मेले की सेवा एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। परिवार के सदस्य मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा और मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालेंगे।
पुजारी परिवार ने श्रद्धालुओं को दिया आशीर्वाद
पुजारी परिवार ने कहा कि बाबा हनुमान के दरबार में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है। बाबा के दर्शन करने आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए परिवार अपनी ओर से हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि बाबा हनुमान सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हों।
मेले में उपस्थित पुजारी परिवार के सदस्य:
विमल कुमार बोथरा, कमल कुमार बोथरा, संपत मल बोथरा, धनराज बोथरा, राजकुमार बोथरा, रंजीत कुमार बोथरा, धर्मचंद बोथरा, लक्ष्मीपत बोथरा सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।