
बीकानेर, 4 अक्टूबर 2026। एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर के वार्षिक सम्मेलन ASIRAJ-2026 का रविवार को रिद्धि-सिद्धि रिसॉर्ट में ज्ञान, शोध और आधुनिक शल्य चिकित्सा की नई संभावनाओं पर सार्थक मंथन के साथ भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ सर्जन्स, विशेषज्ञों एवं युवा चिकित्सकों ने आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों, जटिल रोगों के उपचार और सर्जरी के बदलते स्वरूप पर अपने अनुभव साझा किए।
सम्मेलन का आयोजन सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल, बीकानेर के सर्जरी विभाग तथा बीकानेर सर्जन्स सोसायटी के सहयोग से किया गया। वैज्ञानिक सत्रों के साथ शोधपत्र प्रस्तुति, ई-पोस्टर, वीडियो प्रस्तुति और स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियों ने सम्मेलन को अकादमिक रूप से समृद्ध बनाया।
एसपी मेडिकल कॉलेज के युवा चिकित्सकों का शानदार प्रदर्शन
सम्मेलन की विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के युवा चिकित्सकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पुरस्कार अपने नाम किए।
प्रतिस्पर्धात्मक ई-पोस्टर प्रस्तुति में डॉ. प्रतीक मंगल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एमएएमसी अग्रोहा, हिसार की डॉ. दिव्यांशी द्वितीय तथा एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर की डॉ. कीर्ति तृतीय स्थान पर रहीं।
प्रतिस्पर्धात्मक शोधपत्र प्रस्तुति में भी एसपी मेडिकल कॉलेज का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। डॉ. अदिति काजला ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर के डॉ. प्रतीक देव दूसरे तथा एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के डॉ. प्रतीक मंगल तीसरे स्थान पर रहे।
प्रश्नोत्तरी में भी एसपीएमसी बीकानेर प्रथम
स्नातकोत्तर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के डॉ. आकाश एवं डॉ. माधुर्या की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया। जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर की डॉ. मुस्कान एवं डॉ. शुभांगी की टीम दूसरे तथा एम्स जोधपुर के डॉ. आयुष पचौरी एवं डॉ. प्रशांत सत्यागिरी की टीम तीसरे स्थान पर रही।
श्रेष्ठ शोधपत्र प्रस्तुति की संकाय श्रेणी में डॉ. संजय शर्मा तथा गैर-संकाय श्रेणी में डॉ. रामेश्वर को श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया।
रोबोटिक सर्जरी से जटिल फिस्टुला तक हुआ मंथन
समापन दिवस के वैज्ञानिक सत्रों में नसों के आधुनिक उपचार, आपात स्थिति में इन्ग्वाइनल हर्निया, संयोगवश सामने आने वाले पित्ताशय के कैंसर तथा इन्ग्वाइनल हर्निया में रोबोटिक सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए।
जटिल लिवर, अग्न्याशय और पित्त मार्ग संबंधी शल्य चिकित्सा पर भी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। कठिन पित्ताशय की सर्जरी में समय रहते समस्या की पहचान, स्थिति का पुनर्मूल्यांकन और मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई।
जटिल फिस्टुला के प्रबंधन पर आयोजित विशेष परिचर्चा सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रही। इसमें आयोजन सचिव एवं सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर एल. दवाँ सहित विशेषज्ञों ने आधुनिक उपचार विकल्पों और अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
इसके अलावा लिवर की सिस्टिक समस्याओं, कैंसर की जटिल शल्य चिकित्सा, आंतों के पुनर्निर्माण, जटिल फिस्टुला, दूरबीन एवं रोबोटिक तकनीक से हर्निया उपचार, कठिन पित्ताशय शल्य चिकित्सा, अग्न्याशय एवं तिल्ली की सर्जरी तथा सर्जन्स द्वारा ईआरसीपी जैसे विषयों पर भी वैज्ञानिक प्रस्तुतियां हुईं।
युवा सर्जन्स के शोध को मिला बड़ा मंच
सम्मेलन में युवा चिकित्सकों एवं रेजिडेंट्स ने शल्य चिकित्सा के बाद आंतों के जोड़ से रिसाव, पुरानी गुदा विदर, पेट की गंभीर चोट, पित्त की पथरी, अपेंडिक्स, दूरबीन से पित्ताशय की सर्जरी, हर्निया, इलियोस्टॉमी, ऑपरेशन के बाद मरीज को तेजी से स्वस्थ करने की उपचार पद्धति, आंतों में छेद, लिवर में फोड़ा, ऑपरेशन के बाद होने वाली जटिलताओं एवं बवासीर सहित विभिन्न विषयों पर अपने शोध एवं अनुभव प्रस्तुत किए।
नई तकनीक का अंतिम उद्देश्य मरीज को बेहतर उपचार : डॉ. मनोहर एल. दवाँ
आयोजन सचिव एवं सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर एल. दवाँ ने कहा कि ASIRAJ-2026 का उद्देश्य केवल चिकित्सकीय ज्ञान का आदान-प्रदान करना नहीं था, बल्कि आधुनिक सर्जरी की नई तकनीकों, शोध और व्यावहारिक अनुभवों को एक साझा मंच उपलब्ध करवाना था।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विशेषज्ञों के अनुभव और युवा सर्जन्स के शोध का यह संगम भविष्य की शल्य चिकित्सा को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित होगा। सम्मेलन में नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर हुए मंथन का वास्तविक लाभ तभी है, जब इसका परिणाम मरीजों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर उपचार के रूप में मिले।
डॉ. दवाँ ने सम्मेलन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, प्रतिनिधियों, रेजिडेंट्स एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
ज्ञान, शोध और नवाचार के संदेश के साथ विदाई
समापन समारोह में सम्मेलन की विभिन्न अकादमिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले वरिष्ठ सर्जन्स, संकाय सदस्यों, प्रतिनिधियों, युवा चिकित्सकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की गई।
तीन दिनों तक चले ASIRAJ-2026 ने बीकानेर को आधुनिक शल्य चिकित्सा पर राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनाया। सम्मेलन का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि नई तकनीक, शोध और विशेषज्ञों के अनुभवों का समन्वय मरीजों को अधिक सुरक्षित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार है।