बीकानेर, 4 नवंबर। किसानों की आय बढ़ाने और खेती में उन्नत तकनीक एवं बेहतर किस्मों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय में संचालित अखिल भारतीय समन्वित बीज अनुसंधान परियोजना के तहत अनुसूचित जाति के 161 किसानों को चने की उन्नत किस्मों के बीज वितरित किए गए। इसके साथ ही किसानों को ट्राइकोडर्मा भी उपलब्ध करवाया गया।
अनुसंधान निदेशक डॉ. एन.के. शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति उप योजना रबी 2026-27 के अंतर्गत किसानों को चने की उन्नत किस्मों से परिचित करवाने और उनकी खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से इस परियोजना के तहत कुल 8 लाख रुपये के बीज वितरित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए गए। डेली तलाई में आयोजित शिविर में 55 किसानों तथा पदमपुर कृषि विज्ञान केंद्र में 35 किसानों को बीज वितरित किए गए। इसी प्रकार बदरासर और हुंसगसर के 71 अनुसूचित जाति के किसानों को विश्वविद्यालय परिसर स्थित बीज परियोजना केंद्र में उन्नत बीज उपलब्ध करवाए गए।
परियोजना प्रभारी जे.के. तिवारी ने बताया कि किसानों को उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध करवाने का यह कार्यक्रम निरंतर जारी है। बीज वितरण के साथ किसानों को इन किस्मों की विशेषताओं, खेती की तकनीकी बारीकियों और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी भी दी जा रही है। इसके लिए प्रशिक्षण गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
विश्वविद्यालय की इस पहल से किसानों को उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के साथ रबी सीजन में बेहतर उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
