
बीकानेर। समाजसेवी पं. लक्ष्मीनारायण पारीक की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को गोकुल धाम भवन, जस्सूसर गेट के बाहर बीकानेर में श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों सहित समाजबंधुओं ने पं. पारीक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके समाजसेवी कार्यों को स्मरण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पं. लक्ष्मीनारायण पारीक के पुत्र दीपक पारीक एवं रवि पारीक द्वारा मंत्रोच्चार के साथ उनके चित्र पर तिलक कर की गई। इसके बाद पारीक समाज के अध्यक्ष भंवरलाल पारीक, छःन्याति समाज से पाराशर नारायण शर्मा, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता नित्यानंद पारीक ने पं. पारीक के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा में पारीक चौक के पूर्व पार्षद शिव कुमार पांडिया, सुशील व्यास, भाजपा नेता कैलाश पारीक, वंदे मातरम् मंच के राजकुमार पारीक, पारीक ट्रस्ट के सचिव एडवोकेट द्वारका प्रसाद तिवाड़ी, गिरिराज पारीक, कर्मचारी महासंघ बीएमएस के पूर्व सचिव जितेंद्र पारीक, पूर्व न्यासी हीरालाल हर्ष, हरी पारीक, एडवोकेट विजय पारीक, अमन चैन पारीक, समाजसेवी हुक्मचंद पांडिया सहित अनेक गणमान्यजन एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। सभी ने पं. लक्ष्मीनारायण पारीक के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर पं. लक्ष्मीनारायण पारीक के पौत्र कृष्ण पारीक ने अपने दादाजी की स्मृति में भावपूर्ण चार पंक्तियां प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए पारीक समाज के अध्यक्ष भंवरलाल पारीक एवं कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत ने पं. लक्ष्मीनारायण पारीक के जीवन, उनकी कार्यशैली, समाजसेवा और समाज के उत्थान को लेकर उनकी सोच पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पं. पारीक ने अपने जीवन में सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सदैव कार्य किया।
भाजपा नेता दीपक पारीक ने कहा कि उनके पिता ने परिवार को सदैव जरूरतमंद और कमजोर व्यक्ति की मदद करने, समाज के उत्थान के लिए कार्य करने तथा ईमानदारी और नेकी के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि परिवार आज भी उनके बताए मार्गदर्शन और संस्कारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहा है और भविष्य में भी इस सेवा भावना को आगे बढ़ाता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में रवि पारीक ने श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी अतिथियों, समाजबंधुओं एवं आगंतुकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने पिता पं. लक्ष्मीनारायण पारीक को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों एवं समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।