बीकानेर, 24 अक्टूबर। शिक्षा, इतिहास और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इतिहासविद् प्रो. (डॉ.) अमीनुद्दीन की स्मृति को समर्पित प्रथम स्मृति व्याख्यान रविवार, 25 अक्टूबर को राजकीय डूंगर कॉलेज के प्रताप सभागार में आयोजित होगा। प्रो. (डॉ.) अमीनुद्दीन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से इतिहास विभाग के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम शाम 5:15 से 6:15 बजे तक चलेगा। इसमें “अनेक परंपराएं, एक सभ्यता : भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझना” विषय पर विचार-विमर्श होगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित ने बताया कि व्याख्यान के मुख्य वक्ता बेंगलुरु विश्वविद्यालय, कर्नाटक के इतिहास विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एन. शेख मस्तान होंगे। कार्यक्रम में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व प्रो-वाइस चांसलर एवं डीन प्रो. (डॉ.) सैयद इनायत अली ज़ैदी तथा प्रो. (डॉ.) सुनीता ज़ैदी भी शामिल होंगे। प्राचार्य डॉ. राजेंद्र पुरोहित कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
गुरु के प्रति सम्मान, शिक्षा के लिए समर्पण
डॉ. अमीनुद्दीन के शैक्षणिक योगदान को चिरस्थायी बनाने और उनकी स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से उनके शिष्य प्रो. (डॉ.) सैयद इनायत अली ज़ैदी एवं प्रो. (डॉ.) सुनीता ज़ैदी ने निजी ट्रस्ट का गठन किया है। शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय यह ट्रस्ट अकादमिक संवाद और ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है। दोनों शिक्षाविद् जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।
जिस महाविद्यालय में दी सेवाएं, वहीं से होगी स्मृति व्याख्यान की शुरुआत
ट्रस्ट के सदस्य नलिन बुधवार ने बताया कि डॉ. अमीनुद्दीन की स्मृति में पहला व्याख्यान उसी राजकीय डूंगर कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है, जहां से उन्होंने इतिहास विषय में सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू की थी। उन्होंने वर्षों तक इतिहास विभाग में अध्यापन किया और विभागाध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका अकादमिक कार्य महाविद्यालय और इतिहास विभाग की पहचान को व्यापक बनाने में उल्लेखनीय रहा।
इतिहास, संस्कृति और शिक्षा पर आगे भी होगा मंथन
नलिन बुधवार के अनुसार, ट्रस्ट की ओर से भविष्य में भी समय-समय पर स्मृति व्याख्यानमालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से इतिहास, शिक्षा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता जैसे विषयों पर गंभीर अकादमिक विमर्श को बढ़ावा दिया जाएगा।
डॉ. अमीनुद्दीन का रहा उल्लेखनीय शैक्षणिक सफर
प्रो. (डॉ.) अमीनुद्दीन का जन्म 22 दिसंबर 1931 को हुआ था। अजमेर में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करने के बाद उन्होंने शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश किया। वर्ष 1966 में वे राजकीय डूंगर कॉलेज, बीकानेर में व्याख्याता के रूप में नियुक्त हुए और दिसंबर 1989 में सेवानिवृत्ति तक अपनी सेवाएं दीं। उनके सम्मान में आयोजित यह स्मृति व्याख्यान उनके शैक्षणिक योगदान को याद करने के साथ ही ज्ञान, इतिहास और सांस्कृतिक संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
