
बीकानेर। मुक्ता प्रसाद सेक्टर नंबर 7/61 के सामने प्रस्तावित पार्क निर्माण को लेकर भूमि मालिकों ने बीकानेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य एवं जारी ई-बिड प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। प्रार्थीगण ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि को गलत खसरा नंबर बताकर पार्क निर्माण के लिए उपयोग में लेने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रार्थी देवेन्द्र स्वामी एवं अन्य ने अपने आवेदन में बताया कि खसरा नंबर 1055/365 की भूमि के संबंध में लंबे समय से आवासन मंडल एवं खातेदारों के बीच विवाद चला आ रहा था। प्रार्थीगण का दावा है कि इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के निर्णय उनके पक्ष में हो चुके हैं। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की तरमीम को लेकर भी सक्षम अधिकारियों द्वारा पूर्व में निर्देश दिए गए थे।
आवेदन में कहा गया है कि खसरा नंबर 1055/365 में शेष कृषि भूमि आज भी खातेदारों के नाम दर्ज है तथा इसी भूमि पर पार्क निर्माण के लिए लगभग 15 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। प्रार्थीगण का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी निजी भूमि को आवासन मंडल की भूमि दर्शाते हुए पार्क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रार्थीगण ने यह भी आरोप लगाया कि मौके की वास्तविक स्थिति एवं पुराने राजस्व रिकॉर्ड की अनदेखी कर खसरा नंबर 762 का हवाला दिया जा रहा है, जबकि उनका कहना है कि संबंधित भूमि की पहचान एवं तरमीम पूर्व में सक्षम राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा मौके की स्थिति एवं रिकॉर्ड के आधार पर की जा चुकी है।
ज्ञापन में बीकानेर विकास प्राधिकरण से ई-बिड सूचना संख्या 6/2026-27 को तत्काल रोकने, पार्क निर्माण का टेंडर निरस्त करने तथा मौके पर प्रार्थीगण के कब्जे को यथावत रखने की मांग की गई है।
प्रार्थीगण ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी निजी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू किया गया तो वे राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण लेने के साथ संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मुक्ता प्रसाद सेक्टर-7 में पार्क निर्माण को लेकर विवाद, निजी भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप
<!– empty paragraph –>बीकानेर। मुक्ता प्रसाद सेक्टर नंबर 7/61 के सामने प्रस्तावित पार्क निर्माण को लेकर भूमि मालिकों ने बीकानेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य एवं जारी ई-बिड प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। प्रार्थीगण ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि को गलत खसरा नंबर बताकर पार्क निर्माण के लिए उपयोग में लेने का प्रयास किया जा रहा है।
<!– empty paragraph –>प्रार्थी देवेन्द्र स्वामी एवं अन्य ने अपने आवेदन में बताया कि खसरा नंबर 1055/365 की भूमि के संबंध में लंबे समय से आवासन मंडल एवं खातेदारों के बीच विवाद चला आ रहा था। प्रार्थीगण का दावा है कि इस मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय के निर्णय उनके पक्ष में हो चुके हैं। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की तरमीम को लेकर भी सक्षम अधिकारियों द्वारा पूर्व में निर्देश दिए गए थे।
<!– empty paragraph –>आवेदन में कहा गया है कि खसरा नंबर 1055/365 में शेष कृषि भूमि आज भी खातेदारों के नाम दर्ज है तथा इसी भूमि पर पार्क निर्माण के लिए लगभग 15 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। प्रार्थीगण का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उनकी निजी भूमि को आवासन मंडल की भूमि दर्शाते हुए पार्क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
<!– empty paragraph –>प्रार्थीगण ने यह भी आरोप लगाया कि मौके की वास्तविक स्थिति एवं पुराने राजस्व रिकॉर्ड की अनदेखी कर खसरा नंबर 762 का हवाला दिया जा रहा है, जबकि उनका कहना है कि संबंधित भूमि की पहचान एवं तरमीम पूर्व में सक्षम राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा मौके की स्थिति एवं रिकॉर्ड के आधार पर की जा चुकी है।
<!– empty paragraph –>ज्ञापन में बीकानेर विकास प्राधिकरण से ई-बिड सूचना संख्या 6/2026-27 को तत्काल रोकने, पार्क निर्माण का टेंडर निरस्त करने तथा मौके पर प्रार्थीगण के कब्जे को यथावत रखने की मांग की गई है।
<!– empty paragraph –>प्रार्थीगण ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी निजी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू किया गया तो वे राजस्थान उच्च न्यायालय की शरण लेने के साथ संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
<!– empty paragraph –>ज्ञापन पर देवेन्द्र स्वामी पुत्र द्वारका दास स्वामी, सुनीता आर्य पत्नी राधेश्याम आर्य, अर्चना मेहता पत्नी जितेंद्र सिंह मेहता, सरला देवी पत्नी परमेश्वर लाल स्वामी, सरस्वती पत्नी धूडाराम तथा क्रांति पत्नी सोमेश्वर स्वामी सहित अन्य प्रार्थीगण के नाम अंकित हैं।मांग की है।
ज्ञापन पर देवेन्द्र स्वामी पुत्र द्वारका दास स्वामी, सुनीता आर्य पत्नी राधेश्याम आर्य, अर्चना मेहता पत्नी जितेंद्र सिंह मेहता, सरला देवी पत्नी परमेश्वर लाल स्वामी, सरस्वती पत्नी धूडाराम तथा क्रांति पत्नी सोमेश्वर स्वामी सहित अन्य प्रार्थीगण के नाम अंकित हैं।