
बीकानेर, 31 जुलाई। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध पीबीएम अस्पताल के बाल रोग विभाग में 25 से 31 जुलाई तक आयोजित विश्व ओआरएस सप्ताह-2026 का समापन शुक्रवार को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. जी. एस. तंवर के मार्गदर्शन में किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. तंवर ने कहा कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया असमय मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने कहा कि ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) एक सरल, सुरक्षित और जीवनरक्षक घोल है, जिसका समय पर एवं सही तरीके से उपयोग बच्चों की जान बचाने में अत्यंत प्रभावी साबित होता है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से ओआरएस बनाने और उसके सही उपयोग की जानकारी रखने का आह्वान किया।
विश्व ओआरएस सप्ताह के दौरान बाल रोग विभाग द्वारा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें ओआरएस घोल तैयार करने का लाइव प्रदर्शन, वैज्ञानिक संगोष्ठी, विद्यालयों में जन-जागरूकता अभियान, नर्सिंग विद्यार्थियों की पोस्टर प्रतियोगिता, एमबीबीएस विद्यार्थियों की आशुभाषण प्रतियोगिता तथा पीजी रेजिडेंट्स की क्विज प्रतियोगिता प्रमुख रहीं।
समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. तंवर ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए बाल रोग विभाग के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग की सराहना की।
उन्होंने कहा कि डायरिया जैसी बीमारी से होने वाली मृत्यु को जागरूकता, समय पर उपचार और ओआरएस के व्यापक उपयोग से काफी हद तक रोका जा सकता है। बाल रोग विभाग भविष्य में भी जनस्वास्थ्य जागरूकता के ऐसे अभियान निरंतर संचालित करता रहेगा।