राज्यपाल बागडे ने दो विभूतियों को मानद उपाधि से किया सम्मानित, शिक्षा में राजस्थान को अग्रणी बनाने का दिया संदेश

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जयपुर, 31 जुलाई। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने शुक्रवार को लोकभवन में महिला अधिकारों और महिला सुरक्षा के लिए तीन दशक से अधिक के महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विदुषी और चिंतक श्रीमती विजया राहटकर और नब्बे हजार से अधिक आदिवासी बच्चों की शिक्षा और समाज सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए प्रख्यात शिक्षाविद, पूर्व सांसद श्री अच्युत सामंत को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की विद्या वाचस्पति उपाधि से सम्मानित किया।

 

श्री बागडे ने इस अवसर पर श्रीमती विजया राहटकर के नैतिकता से जुड़े सार्वजनिक जीवन और महिला सरोकारों के लिए किए कार्यों को मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि तहसील, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए निरंतर कार्य करने के साथ उनमें नेतृत्व के नैसर्गिक गुण हैं। उन्होंने शिक्षाविद, समाजसेवी श्री अच्युत सामंत द्वारा आदिवासी क्षेत्र में किए कार्यों को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि साधारण परिवार से आने के बावजूद आदिवासी लोगों की उन्नति के लिए कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की सम्मान से जुड़ी पहल की सराहना की।

 

राज्यपाल ने कहा कि उनके कार्यकाल के शुक्रवार को दो वर्ष ही पूर्ण हुए हैं। इन दो वर्षों में राजस्थान से बहुत प्यार मिला। इस वर्ष उनकी तीन प्राथमिकताएं है। यह प्राथमिकताएं हैं, राजस्थान को नशामुक्त, टीबी मुक्त किए जाने के साथ ही शिक्षा में राजस्थान को अग्रणी किया जाए। उन्होंने री नीट की परीक्षा में पूरे देश में राजस्थान के शानदार प्रदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा परीक्षा में राजस्थान का सफलता प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर, लगभग 69 प्रतिशत रहा है। यह प्रदेश की बहुत बड़ी उपलब्धि है।

 

राज्यपाल ने महाराजा गंगासिंह जी द्वारा गंग नहर की स्थापना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस नहर का अगले वर्ष शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। यह अवसर नहर पूजन का ही नहीं है बल्कि सिंचाई से हुई समृद्धि के बहाने जल संरक्षण की परंपराओं को अपनाने का है। उन्होंने राजस्थान में यमुना जल योजना के अलावा गुजरात से नर्मदा जल को गांव ढाणी तक पेयजल पहुंचाने के लिये मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा किए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगले माह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक करोड़ लोगों को नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत सम्बोधित करेंगे। इसे सबको सुनना चाहिए।

 

उप मुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने इस अवसर पर कहा कि जिन विभूतियों को उपाधियां दी गई हैं उन्होंने अपना जीवन, संघर्ष और साधना से बिताते हुए अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि माताएं अबला नहीं सबला हैं। उन्होंने श्रीमती विजया राहटकर और श्री अच्युत सामंत के जीवन को प्रकाश पुंज बताते हुए उनसे सीख लेने का आह्वान किया।

 

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि विशिष्ट विभूतियों को असाधारण योगदान के लिए सम्मानित करने के अंतर्गत विशेष दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि प्रदान करने की पहल की गई है।

 

श्रीमती विजया राहटकर और श्री अच्युत सामंत ने अपने सम्मान के प्रति आभार जताया। इस मौके पर मंत्री श्री जोराराम कुमावत, श्री अविनाश गहलोत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

 

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